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💢विन इंस्टेंट💢विस्तारFollow Us1954 से 2024 तक- 27 बार देश के तत्कालीन राष्ट्रपति ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से किसी-न-किसी को नवाजा। ज्यादातर बार सूची में एक नाम रहे। कुछ बार दो या अधिक नाम। 'भारत रत्न' सम्मान इस साल दिए जाएंगे, इसकी गारंटी नहीं। लेकिन, इसपर चर्चा खूब चल निकली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुराने मित्र और लंबे समय तक उनकी पार्टी के राष्ट्रीय चेहरा रहे केसी त्यागी ने उनके लिए 'भारत रत्न' की मांग दिल्ली में की, हंगामा बिहार में मचा। हंगामे को बढ़ाया तेज प्रताप यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव के लिए भी इसी सम्मान की मांग कर। तो, क्या आगे जब भी 'भारत रत्न' का एलान होगा तो किसी बिहारी का नाम होगा? सवाल इसलिए भी, क्योंकि 2024 में 'भारत रत्न' के एलान ने बिहार की राजनीति सीधे पलट दी थी।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Sun, 02 Nov 2025 07:00 PM IST
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विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश में एक बार फिर सर्दी ने तीखा रुख अख्तियार कर लिया है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के इलाके शीत लहर की चपेट में हैं। रविवार को ग्वालियर और दतिया समेत प्रदेश के 7 जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया गया है। सुबह के समय प्रदेश के 20 से अधिक जिले घने से मध्यम कोहरे में लिपटे रहे। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन दिन-रात के तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, लेकिन तीन दिन बाद फिर कड़ाके की ठंड लौटने के आसार हैं।
रविवार को सर्दी के इस सीजन में पहली बार छतरपुर शहर कोहरे की आगोश में समाया। सुबह करीब 9 बजे तक सड़कों पर घना कोहरा रहा, जिसके चलते वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी बीच छतरपुर पुलिस ने घने कोहरे के कारण संभावित दुर्घटनाओं और असुविधाओं से बचने के लिए, छतरपुर पुलिस अधीक्षक द्वारा वाहन चालकों और आम जनमानस की सुरक्षा हेतु एक विस्तृत एडवाइजरी भी जारी की।
बदायूं। किसानों ने खेतों के चारों ओर लोहे के तारों से तारबंदी की हुई है, कुछ ने तो अपने खेत की मेड़ों पर लोहे के टिनशेड भी लगा रखे हैं, बावजूद इसके छुट्टा पशु इन्हें तोड़कर खेतों में घुस फसल नष्ट कर जा रहे हैं। मजबूरी में किसानों को भीषण सर्दी में खेतों में घूमकर और मचानों पर जागकर पहरा देना पड़ रहा है। खेत की रखवाली के दौरान छुट्टा पशु हमलावर भी हो जाते हैं, ऐसे में उन्हें अपनी जान का भी खतरा रहता है।
विथड्रॉ, संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरीUpdated Sun, 11 Jan 2026 02:03 AM IST
कलेक्ट वॉच वाराणसी ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:18 AM IST
सारमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुशासन का मतलब केवल कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि उसका असर आम लोगों के जीवन में और अधिकारियों के कामकाज में साफ नजर आना चाहिए।
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