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💢बड़ा रजिस्टर💢चंपापुरी स्थित जलघर में बनाया गया नया भंडारण टैंक।- फोटो : 1
️सिल्वर विथड्रॉ,विस्तारFollow Usराजस्थान के सीकर जिले के नेहरा की ढाणी गांव के रहने वाले स्व. सुरेंद्र का शव मृत्यु के 56 दिन बाद शुक्रवार सुबह दुबई से जयपुर पहुंचेगा। 33 वर्षीय सुरेंद्र 27 जुलाई को रोजगार के लिए जयपुर से दुबई गए थे। लेकिन 2 अगस्त को उनकी अबूधाबी (यूएई) में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद भी उनका शव भारत नहीं भेजा गया और दुबई में ही रोक लिया गया। छोटे भाई सुरजीत सिंह के दुबई जाकर डीएनए सैंपल देने के बावजूद यूएई पुलिस और भारतीय दूतावास की ओर से 19 सितंबर को कहा गया कि शव को भारत भेजने में अभी एक महीना या उससे भी अधिक समय लग सकता है।
विस्तारFollow Usथाना सकरी क्षेत्र में मंगलवार को जमीन विवाद एक खौफनाक वारदात में बदल गया। भैराबांधा तालाब के पास 48 वर्षीय मनबोध यादव का खून से लथपथ शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के पुत्र मयंक यादव (20) ने थाना पहुंचकर जानकारी दी कि उसके पिता का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा है।
गेट मोबाइल, सारCG Weather Update: छत्तीसगढ़ में ठंड ने अपना असर और तेज कर दिया है। सुबह और शाम के समय सर्द हवाओं के चलते लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। कई इलाकों में शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है।
नेशनल हाईवे 334बी पर दादरी जिले के गांव भैरवी के पास सोमवार सुबह करीब छह बजे दो ट्रालों की टक्कर हो गई। इस हादसे में दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं करीब एक घंटे बाद बाढड़ा की तरफ से आ रही एक वैगन-आर कार भी क्षतिग्रस्त ट्राले से टकरा गई। बताया जा रहा है कि कार में सवार दो लोगों को गंभीर चोटें लगी हैं। जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हादसे का कारण कोहरा बताया जा रहा है।
T20 WCसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालWest Bengalविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?यूपीप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालदिल्ली में फिर टूटा ठंड का रिकॉर्डअंबरनाथ नगर परिषदBihar News
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कैश रिसीव, विस्तारFollow Usकभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
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तालाब पर अवैध कब्जे को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
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