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💢डिस्काउंट💢बिजनौर। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) की ओर बिजनौर क्लब में उद्यमी संवाद एवं समाधान कार्यक्रम हुआ। उद्यमियों ने बड़े औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना, कांवड़ यात्रा अवधि में औद्योगिक परिवहन की समस्या सहित अन्य मुद्दे पर पर सहमति बनी। कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि बिजनौर में उद्योग, पर्यटन एवं कौशल विकास को एकीकृत दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया जाएगा।
️ईज़ी पैसे,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:24 PM IST
- कुक कम हेल्परों की साल में दो बार मुफ्त मेडिकल जांच के निर्देश
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विस्तारFollow Usभीलवाड़ा के चितौड़ रोड स्थित गुवारड़ी नाले के पास टायर जलाकर ऑयल बनाने वाली फैक्टरी के प्रदूषण से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश शुक्रवार को फूट पड़ा। लंबे समय से जहरीले धुएं की मार झेल रहे ग्रामीण अचानक तब उग्र हो गए जब गांव के दो युवक फैक्टरी के बॉयलर पर चढ़कर आत्मदाह की धमकी देने लगे।
चंडीगढ़। सात साल पुराने सड़क हादसे के मामले में चंडीगढ़ मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने पीड़ित परिवार को 19.20 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। हादसे में 53 वर्षीय राम कुमार की मौत हुई थी। यह दुर्घटना 15 जून 2019 को करनाल जिले के असंध रोड पर हुई, जब तेज रफ्तार कार ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी।
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इनाम विथड्रॉ,
सब्सक्राइब शेयर चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 07:37 PM IST
विस्तारFollow Usआम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के गृह क्षेत्र सुनाम में पार्टी को तगड़ा सियासी झटका लगा है। सुनाम विधानसभा क्षेत्र के अधीन आती नगर कौंसिल लोंगोवाल की अध्यक्ष परमिंदर कौर बराड़ अपने पति कमल सिंह बराड़ और बड़ी संख्या में साथियों समेत शिरोमणि अकाली दल (शिअद) में शामिल हो गई हैं। रविवार को लोंगोवाल पहुंचे शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बराड़ परिवार को पार्टी का सिरोपा भेंट कर औपचारिक रूप से दल में शामिल करवाया। इस फेरबदल को हलका प्रभारी विन्नरजीत सिंह गोल्डी की बड़ी रणनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है।
डिस्काउंट डाउनलोड, भिवानी। शहर का दायरा और आबादी बढ़ने के साथ ही जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सीवरेज ट्रिटमेंट प्लांटों पर दूषित पानी की निकासी का दबाव बढ़ गया है। इतना ही नहीं औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 के लिए 18 करोड़ रुपये से बने कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट भी पर्यावरण एनओसी नहीं मिलने के कारण करीब दो साल से खामोश पड़ा है। बिना ट्रिटमेंट के दूषित पानी भिवानी-घग्गर ड्रेन में छोड़ा जा रहा है जिससे किसान सिंचाई से भी तौबा कर रहे हैं।







