Global
  • Global
  • Türkiye
  • Việt Nam
  • México
  • Perú
  • Colombia
  • Argentina
  • Brasil
  • India
  • ประเทศไทย
  • Indonesia
  • Malaysia
  • Philippines
  • 中國香港
  • 中國台灣
  • السعودية
  • مصر
  • پاکستان
  • Россия
  • 日本
Download

सब्सक्राइब

कम्पलीट गेट

पुराना रिसीव

4.9 Version: V5.3.6

पुराना अर्न, Inc

ऑनलाइन वेरिफाई

💢प्रीमियम कम्पलीट💢अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्याPublished by:ishwar ashishUpdated Mon, 12 Jan 2026 05:09 PM IST

️ट्रांसफर इनवाइट,अयोध्या। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि उनका अयोध्या दौरा 2027 के विधानसभा चुनाव अभियान का शंखनाद नहीं है, लेकिन कार्यकर्ता पूरी तरह तैयार हैं। मैं अभी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त हुआ हूं और जिस तरह का उत्साह कार्यकर्ताओं में दिख रहा है, उससे यह कहा जा सकता है कि चुनाव 2027 में आए या 2028 में, हमारे कार्यकर्ता पूरी तरह से तैयार हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए संगठन, कार्यकर्ताओं और आगामी चुनाव को लेकर यह बयान दिया। चौधरी ने कहा कि 14 दिसंबर को मुझे नई जिम्मेदारी मिली है। मैं सभी क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं से मिल रहा हूं। अवध क्षेत्र की बात हुई तो हमने अयोध्या को चुना, ताकि हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि में दर्शन -पूजन कर सकूं। लखनऊ से अयोध्या तक कार्यकर्ताओं में जो उत्साह दिखा है, उससे मुझे पूरा विश्वास है कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी दी है, उसमें हम सफल होंगे।

सब्सक्राइब वॉच,

कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त

सारAjmer:मीर ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों गरीब और मेहनतकश लोगों के लिए रोजगार और कानूनी मजदूरी अधिकार की गारंटी था। नई योजना उस अधिकार-आधारित ढांचे को कमजोर करती है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंचेगी।

विज़िट गेम, सारकस्बे के जरतौली मोड़, खैर बस स्टैंड, उसरह बाईपास रोड, सब्जी मंडी, पुलिस चौकी, सिनेमा हॉल, खाटू श्याम मंदिर हैं, लेकिन एक भी तिराहे-चौराहे पर हाई मास्ट लाइटें नहीं लगीं। जरतौली मोड़ जैसे अति व्यस्त रहने वाले तिराहे पर भी स्ट्रीट लाइट ही लगी हैं, उनमें भी अधिकांश खराब हैं।

गेम फ्री मकर संक्रांति का पर्व, जो पारंपरिक रूप से खिचड़ी के बिना अधूरा सा लगता है, इस वर्ष एक विशेष संयोग के कारण अपने पारंपरिक स्वरूप में नहीं मनाया जा सकेगा। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ-साथ षटतिला एकादशी का भी पर्व पड़ रहा है, जो 19 वर्षों बाद ऐसा संयोग है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन चावल से बनी किसी भी सामग्री का सेवन वर्जित होता है।

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारांPublished by:प्रिया वर्माUpdated Sun, 16 Nov 2025 09:54 AM IST

छोटा मोबाइल, सारइस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत विशेष है। 14 जनवरी को 11 वर्षों के बाद मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी का महासंयोग बन रहा है। इससे पहले यह दुर्लभ योग वर्ष 2015 में बना था।

More Similar Apps

See All