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💢गेम डाउनलोड💢चंडीगढ़। हरियाणा सरकार की ओर से वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, श्रेष्ठ ग्राम पंचायतों, श्रेष्ठ स्वैच्छिक संस्थाओं (एनजीओ) व अन्य श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार दिए जाएंगे। इन पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सरकार की ओर से पोर्टल 12 जनवरी 2026 तक खोला गया है। पात्र व्यक्ति व संस्थाएं निर्धारित अवधि में ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए आवेदक संबंधित विभाग या सरकारी पोर्टल पर संपर्क कर सकते हैं।
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विस्तारFollow Usमिथिला अंचल के लिए एक ऐतिहासिक युग के समापन की खबर सामने आई है। दरभंगा महाराज कामेश्वर सिंह की तीसरी पत्नी और अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी के निधन से पूरे मिथिला क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। महारानी पिछले छह महीनों से अस्वस्थ चल रही थीं और उन्होंने दरभंगा स्थित कल्याणी निवास में अंतिम सांस ली।
वीआईपी गेम, अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़Published by:नवीन दलालUpdated Sun, 11 Jan 2026 09:23 AM IST
विस्तारFollow Usजिले के दबलाना थाना क्षेत्र के नन्द गांव में अज्ञात लोगों द्वारा एक गौवंश की निर्मम हत्या किए जाने से क्षेत्र में तनाव फैल गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और गौ भक्त एकत्रित हो गए और आक्रोश जताते हुए बूंदी-नैनवा मार्ग पर जाम लगा दिया।
राजस्थान के सीकर, भरतपुर, बांसवाड़ा और जयपुर समेत कई जिलों में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। अब तक कम से कम 2 मासूमों की जान जा चुकी है और कई की हालत बिगड़ी हुई है। सिरप पीने के बाद उल्टी, दस्त, सांस लेने में तकलीफ और किडनी फेलियर जैसे लक्षण सामने आए। अभिभावकों का कहना है कि यह दवा सरकारी डॉक्टरों की सलाह पर दी गई थी।
ऑफर, विस्तारFollow Usखांसी की सिरप Dextromethorphan HBr Syrup से बच्चों की तबियत बिगड़ने के मामले में राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी सामने आए हैं। मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा में भी खांसी की सिरप को पीने से 6 बच्चों की मौत हो गई है। राजस्थान में ड्रग कंट्रोलर ने इस दवा के साथ अब सभी तरह की कफ सिरप की सप्लाई पर तत्काल रोक लगा दी है।
वीआईपी स्टूडेंट
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
फ्रेंड्स इनवाइट, राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।







