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💢कमेंट💢गोरखपुर ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:59 AM IST
️वेरिफाई,सारलांजी क्षेत्र के चौंदाटोला गांव में छत्रपति संभाजी महाराज की प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद गहरा गया। शुक्रवार रात प्रतिमा स्थल के कॉलम तोड़े जाने से कुनबी और मरार समाज आमने-सामने आ गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात नियंत्रित किए और गांव में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
मेंहनगर (आजमगढ़)। पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची में दावा आपत्ति निस्तारण के दौरान जाफरपुर प्राथमिक विद्यालय के बूथ पर भाजपा मंडल अध्यक्ष जयश्री चौहान व ग्राम प्रधान बलिराम चौहान में मारपीट हुई। दोनों पक्ष से कुर्सियां चलीं। इसमें विद्यालय की दस कुर्सियां टूट गईं। घटना में दोनों घायल हुए और दोनों ने एक-दूसरे के विरुद्ध तहरीर दी है।
सर्वे इंस्टेंट, कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सारBalotra News: सऊदी अरब में संदिग्ध हालात में मृत बालोतरा के युवक रमेश मेघवाल का शव एक माह बाद भी भारत नहीं लाया गया। मां ने हाईकोर्ट की शरण ली, जिस पर कोर्ट ने केंद्र, राज्य और दूतावास को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइचUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:20 AM IST
मासिक डाउनलोड, सारकोतमा निवासी पूजा जैन का एमपीपीएससी परीक्षा में डीएसपी पद पर चयन हुआ है। वे वर्तमान में भोपाल में जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। कार्य के साथ तैयारी जारी रखी और पति श्रेयांश जैन व परिवार से मिली प्रेरणा ने उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई।
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बांदा। पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने राइफल क्लब मैदान की नीलामी रोकने के लिए 17 जनवरी को धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यह मैदान किसी दल, व्यक्ति या जाति विशेष का नहीं, बल्कि सभी का है।
कमाई, अयोध्या। श्रीराम मंदिर के साथ अब राम ध्वज भी आस्था और पहचान का नया प्रतीक बनता जा रहा है। रामलला के दर्शन के बाद श्रद्धालु अपने साथ राम ध्वज ले जाना आस्था की पूर्णता मान रहे हैं। यही वजह है कि राम ध्वज अब सिर्फ एक धार्मिक ध्वज नहीं, बल्कि आस्था का ब्रांड बन चुका है। दुकानदारों के अनुसार रोजाना पांच हजार से अधिक राम ध्वज की बिक्री हो रही है।







