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💢सर्वे💢शिव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने राजस्थान पशुपालन विभाग में लंबित एलएसआई भर्ती-2024 की विसंगतियों को लेकर विभागीय सचिव को एक विस्तृत और प्रभावी पत्र लिखा है। विधायक ने ध्यान आकर्षित किया है कि बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में कार्यरत यूटीबी LSI कर्मचारियों के रिक्त पद काउंसलिंग प्रक्रिया में दर्शाए ही नहीं गए, जबकि विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी रिक्त पदों का विवरण अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
️कलेक्ट पॉइंट्स,अंबेडकरनगर। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग की ओर से सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती युवा दिवस के रूप में मनाई गई। भीटी के अभ्युदय डिफेंस एकेडमी रैमलपुर सोनाव में बच्चों के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए। कविता लेखन में मृत्युंजय कुमार प्रथम स्थान पर, हर्षित कुमार द्वितीय स्थान पर रहे।
विस्तारFollow Usसरगुजा जिले के सीतापुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत भारतपुर के लकरालता टोला में सड़क सुविधा की गंभीर कमी के कारण ग्रामीणों को एक चौंकाने वाली स्थिति का सामना करना पड़ा।
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बालोद जिले को देश के पहले नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के आयोजन की कमान मिली है, जो कि नौ जनवरी से शुरू होगा। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। बच्चे इस जंबूरी में पहुंचकर काफी खुश हैं। बच्चों ने बताया कि उन्हें ये उनका दूसरा घर जैसा लग रहा है और समय पर खाना और एक अच्छी व्यवस्था मिल रही है। यहां पर सुवा और डंडा नृत्य के लिए विशेष प्रशिक्षण नौ हजार बच्चों द्वारा किया जा रहा है, जिसके प्रस्तुति वे आयोजन के दौरान देंगे।
विस्तारFollow Usबालाघाट जिले में बाघ नाखून तस्करी प्रकरण ने एक बार फिर सनसनी फैला दी है। फरार चल रहे आरोपी सतीश भलावी को वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अहम खुलासा किया, जिसके आधार पर लामता के मैरा जंगल के नाले में खुदाई की गई। वहां से हड्डियों के टुकड़े बरामद हुए, जिसने एक और बाघ की मौत की आशंका को गहरा दिया है। वन विभाग ने बरामद हड्डियों को फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिया है, ताकि यह पुष्टि की जा सके कि ये हड्डियां बाघ की हैं या किसी अन्य जानवर की।
अतिरिक्त स्टूडेंट, बांदा। इंदौर में दूषित पानी के सेवन से मौतों के बाद भी जिम्मेदार चेत नहीं रहे हैं। शहर में 56 हजार परिवारों को शुद्ध पीने का पानी मुहैया कराने के दावे जमीनी सच्चाई के सामने तालमेल नहीं खा रहे। केन नदी व नलकूपों से पानी स्टोर करने के लिए बनी पानी की टंकियां सालों से साफ नहीं हुई। हालांकि किसी टंकी में मई तो किसी में अप्रैल महीने में सफाई का उल्लेख किया गया है।
पुराना इनवाइट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरPublished by:सौरभ भट्टUpdated Fri, 09 Jan 2026 08:25 AM IST
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