वीआईपी स्टूडेंट
प्रीमियम लॉग इन
बड़ा ऑनलाइन, Inc
इंस्टेंट
💢लाइक ईज़ी💢वीबी-जीरामजीUP Newsयूपी में बुलडोजर वेलकमGonda Newsधर्मांतरण-यौन शोषण केसUP PoliticsUP Weatherमित्रता सोचकर करें क्योंकि एक गलत कदम पूरे जीवन को कर सकता है प्रभावितLucknow Newsईमानदारी से काम करें तो सुनती है दुनिया
️डाउनलोड विज़िट,
बोनस,
अल्मोड़ा। जिला मुख्यालय की पुलिस लाइन में साप्ताहिक परेड का आयोजन किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा ने भी परेड में हिस्सा लिया और जवानों को दौड़ लगाकर फिट रहने के निर्देश दिए। शुक्रवार को कड़ाके की ठंड के बावजूद परेड मैदान में जवानों का जोश, अनुशासन और समर्पण देखने को मिला। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जवानों की ड्रिल, टर्न-आउट, शारीरिक दक्षता और अनुशासन का निरीक्षण किया। जवानों को शस्त्रों का अभ्यास कराया गया। प्रतिसार निरीक्षक रमेश चंद्र को प्रगतिशील निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक हरबंस सिंह, सीओ गोपाल दत्त जोशी, सीओ विमल प्रसाद, मुख्य अग्निशमन अधिकारी नरेंद्र सिंह कुंवर, सीओ पुलिस दूरसंचार राजीव कुमार टम्टा आदि मौजूद रहे।
मेगा पॉइंट्स, अमेठी सिटी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के क्रियान्वयन में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद जिला समाज कल्याण विभाग सवालों के घेरे में आ गया है। योजना के तहत चयनित विवादित फर्म के संचालक ने परियोजना निदेशक व प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी पर 20 फीसदी कमीशन मांगने का गंभीर आरोप लगाया है।
वीडियो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:27 AM IST
अंबेडकरनगर। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग की ओर से सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती युवा दिवस के रूप में मनाई गई। भीटी के अभ्युदय डिफेंस एकेडमी रैमलपुर सोनाव में बच्चों के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए। कविता लेखन में मृत्युंजय कुमार प्रथम स्थान पर, हर्षित कुमार द्वितीय स्थान पर रहे।
डिस्काउंट, विस्तारFollow Usजिले में छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए छह दिनों से तीन हाथी जिले की सीमा में विचरण कर रहे हैं। लगातार यह क्षेत्र हाथियों का विचरण क्षेत्र बना हुआ है, जहां रह-रह कर हाथी पहुंचते रहते हैं। रात्रि के समय हाथी लगातार विचरण कर ग्रामीणों के घरों-फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में भी कई ग्रामीणों की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है। इससे डरे-सहमे ग्रामीण अब हाथियों से अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर आशियाना बना रखा है। दिन भर तो यह अपने घर में रहते हैं, लेकिन रात होते ही पेड़ में बनाए गए आश्रय स्थल पर हाथियों की निगरानी करते हुए अपनी जीवन रक्षा भी कर रहे हैं।







