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💢कैश स्टूडेंट💢अमेठी सिटी। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर दिसंबर में विकास कार्यक्रमों की धीमी प्रगति पर मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह ने काम में लापरवाही मिलने पर डीपीआरओ व डीपीओ संग सात जिला स्तरीय अफसरों पर सख्त कार्रवाई की है। प्रगति रिपोर्ट में समाज कल्याण, पंचायती राज, उद्योग, नियोजन, महिला एवं बाल विकास और मत्स्य ने शासन के लक्ष्यों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं किया है।
️स्टूडेंट फ्रेंड्स,विस्तारFollow Usरबी फसल के लिए इन दिनों खाद की मारामारी चल रही है। सहकारी समितियों की दुकानों पर किसानों की खाद के लिए भीड़ उमड़ रही है। कई व्यापारी खाद की कालाबाजारी भी कर रहे हैं। उदयपुर संभाग में यूरिया की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। बांसवाड़ा सहित उदयपुर, डूंगरपुर, सलूम्बर एवं प्रतापगढ़ जिलों में अब तक 9 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं और 732 बैग यूरिया जब्त किए हैं। तीन मामलों में एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है।
सारउत्तर प्रदेश के कासगंज में झूठी शान की खातिर परिजन ने किशोरी की हत्या कर शव को शनिवार रात श्मशान में जला दिया। किशोरी दो दिन पहले गांव निवासी प्रेमी के साथ घर से आगरा चली गई थी। मामला ढोलना थाना क्षेत्र के एक गांव का है।
ऑनलाइन सब्सक्राइब, मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:18 AM IST
शहर के पुरानी घासमंडी के पास अमृत भवन में संगीतमयी लोहड़ी व मकर संक्रांति पर्व के उपलक्ष्य में
सारअब एसआईआर से जुड़े काम के लिए बीएलओ से संपर्क करना आसान होगा। बस चुनाव आयोग की बुक-ए-कॉल सेवा पर जाकर अपनी रिक्वेस्ट दर्ज कराएं। रिक्वेस्ट दर्ज होने के मात्र 48 घंटे के भीतर संबंधित बीएलओ मतदाता को फोन कर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
रिसीव रिवॉर्ड्स, गोरखपुर ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:06 AM IST
कूपन शेयर आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजPublished by:विनोद सिंहUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:53 PM IST
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