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💢कलेक्ट💢सारछत्तीसगढ़ में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल के हथबंद–तिल्दा नेवरा रेलखंड पर चल रहा रोड अंडर ब्रिज (RUB) निर्माण कार्य यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनने वाला है।
️सुपर इंस्टेंट,जेईई की परीक्षा देने के लिए रायगढ़ से अपने ननिहाल आए एक 17 वर्षीय नाबालिग के लापता होने से हड़कंप मच गया है। परीक्षा में मनमाफिक प्रदर्शन न होने से आहत छात्र ने अपने पिता और मामा को आत्महत्या करने की बात कहते हुए एक व्हाट्सएप संदेश भेजा है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम छात्र की तलाश में जुटी हुई है, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है।
सारWeather News: मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क और सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि वाहन चालकों को धीमी गति से चलने, फॉग लाइट का उपयोग करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
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विस्तारFollow Usराजधानी रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में आत्महत्या का मामला सामने आया है। एक व्यवसायी ने अपने ही घर में जान दे दी। मृतक की पहचान रंजन पुरोहित के रूप में हुई है, जो राजधानी में विज्ञापन व्यवसाय से जुड़े हुए थे।
सारLalu Yadav : राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ऐसे तो नहीं थे! बिहार की राजनीति में उनकी ना-मौजूदगी पहली बार दिख रही है। जब वह विदेश में किडनी प्रत्यारोपण करा रहे थे, तब भी गायब नहीं होते थे। वजह तलाश रही यह स्टोरी।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड/पन्नाPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Tue, 30 Sep 2025 03:24 PM IST
क्लिक ट्रांसफर, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Sat, 10 Jan 2026 07:27 PM IST
रजिस्टर क्लिक विस्तारFollow Usछतरपुर जिले में अप्रैल से नवंबर 2025 तक करीब 8 माह की अवधि में कुल 402 बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस दौरान 64 बच्चों ने रास्ते में, 83 बच्चों की घर पर और 255 बच्चों की अस्पताल में डिलीवरी के बाद उपचार के दौरान दम तोड़ा। कुल 16,912 डिलीवरी में से 402 नवजातों की मृत्यु दर्ज की गई है।
भिवानी। पिछले तीन माह से जिले के करीब 45 हजार एकड़ खेतों में तबाही मचाने वाला बरसाती पानी अब जलघर के टैंकों में प्रदूषण का जहर घोलने लगा है। सिंचाई विभाग की अथक कोशिशों से जलभराव में डूबे गांवों के आबादी क्षेत्र से पानी की निकासी करा दी गई है लेकिन बवानीखेड़ा और तोशाम क्षेत्र के कुछ गांव अभी भी बरसाती जलभराव की मार झेल रहे हैं। जाटूलुहारी, दांग खुर्द और रिवासा सहित प्रेमनगर व तिगड़ाना के खेतों में जमा बरसाती पानी किसानों के लिए नासूर बना हुआ है। कई महीनों तक ड्रेनों के जरिए पानी की निकासी कराई गई लेकिन अब बड़ी नहरों और डिस्ट्रीब्यूटरी नहरों में भी खेतों का सड़ चुका दूषित पानी छोड़ा जा रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के जलघर टैंकों में प्रदूषण का जहर पहुंच रहा है। जिन गांवों के जलघर जलभराव के दौरान डूब गए थे उनके टैंक अब भी बदहाल पड़े हैं और सफाई के लिए अधिकारी बजट का इंतजार कर रहे हैं।
नया विन, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटनाPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:14 PM IST







