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💢वीआईपी पैसे💢सारशनिवार शाम बालोतरा शहर एक दर्दनाक सड़क हादसे का गवाह बना, जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। तेज गति से चल रही एक निजी बस और मोटरसाइकिल की टक्कर में शहर के जाने-माने सामाजिक चेहरे, पूर्व पार्षद और वरिष्ठ पत्रकार का निधन हो गया।
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सारसुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे तलाशी अभियान में खून से सने जूते, पिट्ठू बैग और खून के निशान मिले हैं, जिससे अनुमान है कि मुठभेड़ में कोई नक्सली घायल या मारा गया है।
सारगिरफ्तार किए गए आरोपी लाल-नीली बत्ती व हुटर लगी इनोवा क्रिस्टा कार से नेपाल जाने की कोशिश कर रहे थे। आरोपी ने अपने आपको सचिवालय का एक वरिष्ठ अधिकारी बताया। आरोपियों के पास से लाखों रुपये बरामद किए गए हैं।
अतिरिक्त इंस्टेंट, गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
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सारपीसीसी सचिव ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में किए गए हालिया बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खनन की अनुमति दी है। ऐसे में 100 मीटर से नीचे के भूभाग को अब अरावली पहाड़ी नहीं माना जाएगा।
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