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💢साप्ताहिक मोबाइल💢राजस्थान के बालोतरा जिले में राष्ट्रीय पक्षी मोर के अवैध शिकार की सूचना मिलते ही सिवाना वन विभाग ने संवेदनशीलता और तेज कार्रवाई का परिचय देते हुए बड़ी सफलता हासिल की। विभाग की टीम ने 40 घंटे की निरंतर खोज के बाद आरोपी शिकारी को गिरफ्तार किया। साथ ही शिकार किए गए मोरों की बरामदगी की गई और एक घायल मोर को उपचार उपलब्ध करवाकर उसका जीवन भी बचाया गया।
️गेम फ्री,मध्यप्रदेश में सर्दी ने एक बार फिर अपना तीखा असर दिखाया है। शुक्रवार सुबह घने कोहरे के कारण रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा।सुबह ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के 17 जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात प्रदेश में छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दतिया में पारा 3.9 डिग्री, शिवपुरी में 4 डिग्री और राजगढ़ में 5 डिग्री तक लुढ़क गया। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री, रीवा में 6 डिग्री, उमरिया में 6.4 डिग्री तथा सीधी और टीकमगढ़ में 6.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
सर्वे विज़िट, विद्युतनगर। अलीगंज क्षेत्र स्थित दरगाह हजरत मौलाना हक्कानी शाह तलवापार के मुतवल्ली नदीम एजाज ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर दो लोगों पर जुमे के दिन शुक्रवार को सभा बुलाकर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों में इंतजामिया कमेटी का विवाद चल रहा है और आए दिन आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए शिकायतें करते रहते हैं।
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:अनुज कुमारUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:11 PM IST
कूपन, बिछिया। भारत-नेपाल सीमा से सटे गांव बर्दिया में थारू जनजाति जागरूकता समिति की ओर से शनिवार को माघी महोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया गया। बर्दिया खेल मैदान में तहसीलदार पयागपुर अंबिका चौधरी ने फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि माघी महोत्सव थारू समाज की संस्कृति, परंपरा और एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।
नया ईज़ी बाघ की मौत के बाद उठे गंभीर सवाल।- फोटो : अमर उजाला
विस्तारFollow Usप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
मासिक गेट, खुद पर डाला पेट्रोल, सुरक्षाकर्मियों ने रोका- फोटो : अमर उजाला







