मोबाइल क्लिक
वीडियो
प्रीमियम साइन अप, Inc
कूपन
💢नया कूपन💢
️गोल्ड इंस्टेंट,
पॉइंट्स ईज़ी,
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:13 PM IST
बरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की मुख्य परीक्षाओं से पूर्व विद्यार्थियों की तैयारी को परखने के लिए सोमवार से जिलेभर में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की प्री-बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गईं। पहले दिन की परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह और थोड़ा तनाव दोनों देखने को मिला।
विन विन, कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
प्रीमियम साइन अप मध्यप्रदेश इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की गिरफ्त में है। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में सुबह होते ही कोहरे की मोटी परत छा जा रही है, जिससे विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है। कई जगहों पर 20 मीटर दूर तक देख पाना भी मुश्किल हो रहा है। कोहरे के साथ चल रही शीतलहर ने आम जनजीवन की रफ्तार थाम दी है।ठंड का असर तापमान में साफ नजर आ रहा है। शहडोल जिले के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि दतिया में पारा 4.4 डिग्री तक पहुंच गया। राजगढ़ और खजुराहो में 5.4 डिग्री, मुरैना और मलाजखंड में 5.5 डिग्री, उमरिया में 5.7 डिग्री और मंडला व पचमढ़ी में 5.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। पहाड़ी और वन क्षेत्रों में सर्द हवाओं के कारण ठंड का असर और ज्यादा महसूस किया जा रहा है। राजधानी भोपाल समेत बड़े शहर भी ठिठुरते रहे। भोपाल में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री, ग्वालियर में 6.4 डिग्री, इंदौर में 8.6 डिग्री, उज्जैन में 9.5 डिग्री और जबलपुर में 9 डिग्री दर्ज किया गया।
एक बार फिर मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से आया अफ्रीकी चीता राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा से सटे जिले के किशनगंज इलाके में दिखाई दिया है। बताया जा रहा है कि चीता KP-2 किशनगंज रेंज के जंगलों में प्रवेश कर गया है, जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया है। फिलहाल दोनों राज्यों के वन विभाग की टीमें चीते की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं और उसे ट्रैक कर रही हैं।
अल्ट्रा कलेक्ट, अमेठी सिटी। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर परिश्रम, अनुशासन और नवाचार से पहचान बनाना आसान नहीं होता। इस कठिन राह पर चलते हुए अर्चना मौर्या ने संघर्ष को अपनी शक्ति बनाया और सफलता का मुकाम हासिल किया। वर्ष 2009 में सीतापुर में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के साथ उनका शैक्षिक सफर शुरू हुआ। वर्ष 2012 में जनपद अमेठी में स्थानांतरण के बाद उन्होंने बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया।







