बोनस
डाउनलोड
वीडियो कमाई, Inc
इनवाइट डिस्काउंट
💢कम्पलीट साइन अप💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियरPublished by:ग्वालियर ब्यूरोUpdated Sun, 07 Dec 2025 12:39 PM IST
️पॉइंट्स अर्न,बानसूर और हाजीपुर के किलों की अनदेखी में हो रही दुर्दशा- फोटो : अमर उजाला
अल्ट्रा अर्न, बाराबंकी। अमेठी जिले से किशोर का अपहरण कर बाराबंकी में बंधक बनाकर 10 लाख रुपये की फिरौती वसूलने की तैयारी थी। फिरौती मांगे जाने से पहले ही किशोर ने साहस का परिचय देते हुए खुद को आजाद करा लिया। साथ ही उसकी सक्रियता से ग्रामीणों ने एक बदमाश को भी पकड़ लिया। अपहरण का मास्टर माइंड किशोर का पड़ोसी निकला। पुलिस ने रविवार को पूरी साजिश का खुलासा किया। इसमें शामिल तीन आरोपी जेल भेज दिए गए।
अमरोहा के गांधी मूर्ति चौराहा पर नारेबाजी करते धरने पर बैठे आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी। संवाद
विस्तारFollow Usकहते हैं कि इंसान चला जाता है, लेकिन उसके कर्म अमर हो जाते हैं। राजस्थान के बालोतरा जिले से आई यह खबर इसी कथन को साकार करती है। महज पांच साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले भोमाराम ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में ऐसा काम कर दिया, जिसने तीन जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी दे दी। भोमाराम के माता-पिता ने गहरे दुख के बीच ऐसा साहसिक और मानवीय फैसला लिया, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।
कुएं में गिरे चार हाथियों का सफल रेस्क्यू- फोटो : अमर उजाला
सुपर फ्री, विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
डायमंड डाउनलोड जिन मरीजों के दिल में माइट्रल वॉल्व लीकेज होता है, उनके लिए ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (TEER) प्रोसीजर एक बेहतर विकल्प हो सकता है। TEER कम से कम चीरा लगाकर (इनवेसिव) उपचार का तरीका है। यह उन मरीजों के लिए बेहद उपयोगी हो सकता है, जो माइट्रल वॉल्व लीकेज (Mitral Valve Leakage) के गंभीर मामलों में सर्जरी के लिए उच्च जोखिम वाले माने जाते हैं। यह मौजूदा समय में माइट्रल वॉल्व लीकेज के लिए इलाज की सबसे उन्नत तकनीक मानी जाती है।
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकीUpdated Sun, 11 Jan 2026 09:59 PM IST
प्रीमियम रिवॉर्ड्स, सारअरैल, झूंसी, संगम क्षेत्र में करीब 24 घाटों पर स्नान की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु जिस तरफ से आएंगे, उसी के नजदीक घाट पर स्नान कराने की तैयारी की जा रही है। 2024 में मकर संक्रांति पर करीब 29 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया था।







