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💢रिसीव वीडियो💢सारपंचायत चुनावों से पहले बानसूर उपखंड प्रशासन ने ग्राम पंचायतों के वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उपखंड अधिकारी अनुराग हरित ने पंचायती राज अधिनियम 1994 के तहत 23 ग्राम पंचायतों में वार्डों के नए प्रारूप का प्रकाशन किया है।
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अंबाला। जीएमएन कॉलेज में रन फॉर स्वदेशी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देशवासियों में स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करना रहा। रन फॉर स्वदेशी का आयोजन कॉलेज परिसर एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में किया गया। जिसमें एनसीसी कैडेट्स, शारीरिक शिक्षा विभाग के छात्र, एनएसएस स्वयंसेवक, जीएमएन कॉलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थी एवं महाविद्यालय के अन्य छात्र-छात्राएं, सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर जीएमएन कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्राचार्य डॉ. रामलखन माली भी मौजूद रहे। इससे पूर्व महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने स्वदेशी के महत्व पर प्रकाश डाला। संवाद
लाइक सर्वे,
बागेश्वर। शौका जनजाति की जसूली दताल शौक्याणी की बनाई धर्मशालाओं का नवीनीकरण किया जाएगा। उनकी पांचवी पीढ़ी के वंशजों ने विभिन्न स्थानों पर खंडहर हो चुकी धर्मशालाओं को नया रूप देने की पहल शुरू की है।
130.. आगरा कैंट स्थित समान अधिकार पार्टी के कार्यालय पर पूर्व एडीएम राजीव पांडे को उत्तर प्रदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतराPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Wed, 26 Nov 2025 02:12 PM IST
रिवॉर्ड्स विन, 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
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बरेली में थाना बारादरी पुलिस ने रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज के पास एक बोरी में चाइनीज मांझा लेकर जा रहे युवक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने अपना फैसल बताया। वह शहर के काकर टोला मोहल्ले का रहने वाला है। उसने बताया कि करीब साढ़े 12 किलो मांझा उसके पास है, जो उसने ही तैयार किया था। बाजार में बिक्री करने की फिराक में था। उससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।
प्लेटिनम डिस्काउंट, सारAjmer:मनरेगा में प्रस्तावित बदलावों के खिलाफ कांग्रेस ने शनिवार को ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत देशव्यापी आंदोलन शुरू किया। अजमेर में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने बदलावों को मजदूर विरोधी बताते हुए महात्मा गांधी का नाम हटाने, काम के अधिकार को कमजोर करने और संघीय ढांचे पर चोट का आरोप लगाया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने सड़क से सदन तक संघर्ष का एलान किया।







