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💢छोटा रिवॉर्ड्स💢विस्तारFollow Usआगामी पंचायत चुनावों को लेकर बानसूर उपखंड में हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में उपखंड प्रशासन ने ग्राम पंचायतों के वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य सरकार से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उपखंड अधिकारी अनुराग हरित ने पंचायती राज अधिनियम 1994 के तहत उपखंड की 23 ग्राम पंचायतों में वार्डों के पुनर्गठन का प्रारूप आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। इस घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में चुनावी माहौल बन गया है, क्योंकि नए वार्ड बनने से कई राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। उपखंड अधिकारी अनुराग हरित ने बताया कि वार्डों का नया निर्धारण वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाकर किया गया है। प्रशासन ने कोशिश की है कि वार्डों का बंटवारा पूरी तरह न्यायसंगत हो और सभी वार्डों में जनसंख्या का संतुलन बना रहे।
️ऑनलाइन कम्पलीट,अमृतसर में जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला।- फोटो : संवाद
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जिला अस्पताल की ओपीडी में दवा लेने के लिए खड़े मरीज।
रामनगर थाना अंतर्गत सेमरा के पास बुधवार दोपहर ट्रैक्टर ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बारे में बताया गया कि मृतक सोनू सिंह पाव पिता रामलाल निवासी ग्राम भलमुडी दोपहिया वाहन क्रमांक सीजी 15 सीपी 1777 को रोड के किनारे खड़ी कर किसी से बात कर रहा था, तभी सेमरा तरफ से ट्रैक्टर क्रमांक एमपी 18 ए ए 4421 ईंट लोड कर लापरवाही पूर्वक तेज गति से आ रहा था। ट्रैक्टर ने सोनू सिंह को पीछे से टक्कर मार दी। इस घटना में बाइक सवार युवक सोनू सिंह पाव 24 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई।
Tariff Threatईरान में कितना बड़ा हुआ आंदोलन?BangladeshTOP NewsUttarakhandUSUPReal Madridकपसाड़ कांडआज के दिन
टास्क, अंबेडकरनगर। लगातार बनी ठंड और गलन के बीच शनिवार को मौसम ने कुछ राहत दी। शनिवार सुबह करीब 8 बजे ही धूप निकलने से लोगों को ठंड से राहत मिलने लगी। सुबह के समय गलन और ठिठुरन के कारण सुस्त पड़े जनजीवन में धूप निकलते ही धीरे-धीरे हलचल शुरू हो गई। धूप की तपिश मिलते ही लोगों ने राहत की सांस ली और घरों से बाहर निकलना शुरू किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकीUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:12 AM IST
लॉग इन, अमरोहा। वो सात थे और चाचा (राशिद) अकेले...बाइक से कार छू जाने भर के बदले सातों ऐसे टूटे कि देखते-देखते राशिद बेसुध होकर जमीन पर गिर गए। उन्हें बचाने की कोशिशें कामयाब न होती देख चाची (रुखसार) उनके आगे हाथ जोड़कर मिन्नतें करने लगीं, मासूम बच्चे गिड़गिड़ाते रहे मगर बेरहम हमलावरों को न बच्चों पर तरस आया और न रुखसार की रुलाई उन्हें पिघला सकी। राशिद को गिरा-गिरा कर तब तक लात-घूंसे बरसाए, जब तक वह दम तोड़ने की नौबत तक नहीं पहुंच गए।







