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💢वॉच💢जलबेड़ा। विभाग की कृषि कल्याणकारी योजनाओं को देखते हुए किसानों का झुकाव मिश्रित खेती की ओर बढ़ रहा है। वर्तमान में जलबेड़ा का किसान सुखमिंद्र सिंह मिश्रित खेती कर रहा है। उन्होंने बताया कि रबी के सीजन में 6 एकड़ सरसों की फसल लगाई है। जिसमें से चार एकड़ में पीली सरसों की सीधी बोआई की और दो एकड़ में मशीन से बैड बनाकर सरसों का अच्छी गुणवत्ता वाला बीज डाला। इसमें बरसीम की बिजाई भी की है। उन्होंने बताया कि विभाग की यह योजना कारगर सिद्ध हो रही है। सरसों पकने के बाद उनके पास बरसीम का बीज तैयार हो जाएगा। जिसका बाजार में रेट 100 से 120 रुपये प्रति किलो है। मिश्रित खेती से एकल फसल की अपेक्षा मुनाफा ज्यादा होता है।जलबेड़ा गांव में खेत में खड़ी सरसों व बरसीम की फसल। संवाद
️बड़ा रिवॉर्ड्स,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Fri, 09 Jan 2026 01:33 PM IST
विस्तारFollow Usराजस्थान प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन बालोतरा जिले के गिड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सामने आ रहे हालात इन दावों की सच्चाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं। यहां नियमों को ताक पर रखकर मरीजों को सरकारी दवाइयों के बजाय निजी मेडिकल से बाहरी दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आरोप है कि यह पूरा खेल कुछ चिकित्सकों और निजी मेडिकल संचालकों की आपसी मिलीभगत से संचालित हो रहा है।
इंस्टेंट लॉग इन, सारBanswara Crime: बांसवाड़ा में साइबर ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर बुजुर्ग दंपति को डिजिटल अरेस्ट किया और बम ब्लास्ट व मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी देकर 78 लाख रुपये ठग लिए। मामला सामने आने पर पीड़ितों ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Mon, 22 Dec 2025 03:10 PM IST
PrayagrajUSMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पति
जिले के दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र स्थित शहीद हॉस्पिटल में उस समय हड़कंप मच गया, जब हॉस्पिटल के टॉयलेट में एक नवजात शिशु का शव बरामद हुआ। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिससे अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सिल्वर कलेक्ट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेरPublished by:बाड़मेर ब्यूरोUpdated Wed, 07 Jan 2026 03:37 PM IST
सब्सक्राइब खिली धूप से बेजुबानों ने भी राहत महसूस की।- फोटो : संवाद
सार29 दिन की मासूम बच्ची को इलाज के लिए इंदौर रैफर किया गया था लेकिन 108 एंबुलेंस रास्ते में खराब हो गई, जिससे इलाज में देरी हुई और इसी लापरवाही के कारण मासूम ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
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