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️कमाई,तीन दशकों तक जंगलों में दहशत फैलाने वाले माओवादी संगठन का बालाघाट जिले से पूर्ण सफाया हो गया है। गुरुवार को जिले में सक्रिय बचे हुए दो हार्डकोर माओवादी दीपक उर्फ सुधाकर उर्फ मंगल उइके और उसके साथी रोहित (एसीएम, दर्रेकसा एरिया कमेटी) ने कोरका स्थित सीआरपीएफ कैंप में आत्मसमर्पण कर दिया। एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद जिले में कोई हार्डकोर नक्सली नहीं रह गया है।
बाघ की मौत के बाद उठे गंभीर सवाल।- फोटो : अमर उजाला
लाइक, औरैया। धूप निकलने से आलू बोने वाले किसानों को काफी राहत पहुंची है। एक पखवाड़े से लगातार कोहरे व पाला के चलते आलू की फसल में झुलसा रोग लग रहा था। दवा के छिड़काव से खेती की लागत बढ़ रही थी। अब धूप निकलने से किसान खुश हैं।
सारजब्त किए गए माल की कुल कीमत ₹5,21,540 आंकी गई है, जिसमें गांजा, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नकदी शामिल हैं। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस उससे खरीद-बिक्री और परिवहन के बारे में पूछताछ कर रही है।
हल्द्वानी ब्यूरोUpdated Fri, 09 Jan 2026 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:04 PM IST
नया इनवाइट,
इनाम रजिस्टर कभी बंदूक थामने को मजबूर हुई सुनीता अब नई ज़िंदगी की शुरुआत कर रही है। मंगलवार को उसने तीन साल बाद अपने माता-पिता को गले लगाया तो आंखों से आंसू छलक पड़े, पर चेहरे पर सुकून की मुस्कान थी। यह भावुक मुलाकात बालाघाट पुलिस ने आयोजित कराई।
बांदा। झांसी से अस्थियां लेकर प्रयागराज जा रही सवारियों से भरी बोलेरो ने स्कूल जा रहीं तीन महिलाओं को टक्कर मार दी। इनमें से एक महिला बोलेरो में फंसकर करीब 50 मीटर तक घिसट गईं। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने बांदा-प्रयागराज हाईवे जाम कर दिया। बोलेरो सवार लोगों के साथ मारपीट की। दो घंटे तक जाम लगा रहा। बाद में पहुंचे सीओ बबेरू, नायब तहसीलदार व कोतवाली इंस्पेक्टर आक्रोशित परिजनों को समझाकर जाम खुलवाया।
सुपर कमाई, अमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।







