इंस्टेंट
ट्रांसफर
गेट कमेंट, Inc
डायमंड बोनस
💢डिपॉजिट टास्क💢
️कमेंट,
सारसीएम विष्णुदेव साय ने 40 करोड़ से अधिक की सिंचाई परियोजना के स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार विकास कार्य को लेकर काम किया जा रहा है।
वॉच फ्री, संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:11 PM IST
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:11 AM IST
विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के ग्रामीण अंचल से एक सनसनीखेज वारदात का मामला सामने आया। यहां के ग्राम नावरा में नेपानगर के रहने वाले युवक रईस ने देर रात में हुए विवाद के बाद एक युवती भाग्यश्री की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी गई। मामले की जानकारी लगते ही पुलिस तुरन्त मौके पर पहुंची। मामला दर्ज कर आरोपी युवक को नेपानगर से गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी रईस और युवती का लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसकी जानकारी दोनों के परिजन सहित आसपास के लोगों को भी थी। इसी के साथ ही दोनों के बीच अक्सर छोटी छोटी बातों को लेकर भी विवाद होते रहता था। शुक्रवार देर रात भी किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी रईस ने खौफनाक वारदात को अंजाम देते हुए युवती की गला रेतकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।
भिवानी। युवा उद्यमी मोहित यादव की उद्यमशील यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है। उन्होंने एक ऐसा एक्सीडेंट-प्रूफ कार सॉफ्टवेयर विकसित किया जो कार में इंस्टॉल होने के बाद चाहकर भी गाड़ी का एक्सीडेंट होने नहीं देता। उनके नेतृत्व में एमके एप क्रिएटिव प्राइवेट लिमिटेड भारत के सबसे तेजी से बढ़ते स्टार्टअप में से एक बनकर उभरी है जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सूचना प्रौद्योगिकी में अत्याधुनिक समाधान प्रदान करता है।
लॉग इन वेरिफाई, अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Fri, 09 Jan 2026 03:59 PM IST
डाउनलोड
सारछतरपुर जिले के बड़ामलहरा महाविद्यालय में कक्षाओं में रील बनाने के मामले पर प्राचार्य ने सख्त रुख अपनाया है। संबंधित छात्राओं को नोटिस जारी किया गया है। कॉलेज परिसर में मोबाइल उपयोग पर रोक लगाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई और मोबाइल जब्ती की चेतावनी दी गई है।
ऑफर ट्रांसफर, विस्तारFollow Usराजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।







