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💢मेगा पॉइंट्स💢सारफिलहाल दस्तावेज़ न होने के कारण गोविंद को छिंदवाड़ा के बालगृह भेजा गया है। आरोपी पर बाल श्रम और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें 3 महीने से 10 साल तक की सज़ा का प्रावधान है।
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बिजनौर। रविवार को अधिकतम तापमान में सात डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई। इससे दिनभर लोगों को सर्दी का अहसास हुआ। ठंड के चलते जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा सचिन कसाना ने सभी बोर्डों से संचालित स्कूलों में सोमवार व मंगलवार को कक्षा प्री-नर्सरी से कक्षा 8 वीं तक के छात्र-छात्राओं का अवकाश घोषित किया। यह अवकाश जनपद के परिषदीय, माध्यमिक,सीबीएसई, आईसीएसएई, मदरसा बोर्ड सभी बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लिए है।
टास्क अर्न, संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:34 PM IST
कानपुर। गोविंदनगर थाना क्षेत्र के गुजैनी सी ब्लॉक में ब्रजेश कुमार यादव (45) शनिवार दोपहर बिस्तर पर मृत मिले। वह कन्नौज के छिबरामऊ में बिजली विभाग में बाबू के पद पर तैनात थे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मूलरूप से बनारस के मुगलसराय के रहने वाले ब्रजेश के परिवार में पत्नी गायत्री, बेटी रिमझिम, बेटा युवान, मां गायत्री व छोटा भाई अभिषेक हैं। पिता जगदीश का बीते साल सितंबर में देहांत हो गया था। अभिषेक ने बताया कि ब्रजेश शुक्रवार को कार से गुजैनी आए थे। देर रात खाना खाने के बाद कमरे में सोने चले गए। शनिवार की सुबह वह कमरे में मृत मिले। गोविंदनगर इंस्पेक्टर रीकेश कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित किया गया है। प्रथम दृष्टया हार्टअटैक से मृत्यु की आशंका जताई जा रही है। संवाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Fri, 24 Oct 2025 07:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बिलासपुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 07 Nov 2025 04:35 PM IST
कम्पलीट शेयर, कार्यक्रम को संबोधित करते कांग्रेसी- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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बीजापुर में कांग्रेस नेता विमल सुराना ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में बड़े बदलाव कर गरीबों के काम करने और मजदूरी पाने के अधिकार को छीनने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को काम की कानूनी गारंटी थी और मांग करने पर 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य था। लेकिन अब यह अधिकार समाप्त हो गया है और सरकार की मर्जी से काम मिलेगा।
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