कलेक्ट डिपॉजिट
कैश
छोटा फ्री, Inc
बोनस
💢ट्रांसफर इंस्टेंट💢सारबीजापुर में 38वीं सबजूनियर नेशनल सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ ने शानदार प्रदर्शन किया। बालिका टीम ने पहली बार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा, जबकि बालक टीम ने कांस्य पदक हासिल किया।
️छोटा गेट,अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांवPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 09 Jan 2026 07:51 PM IST
नया टास्क, कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
मध्य प्रदेश में एक बार फिर सर्दी ने तीखा रुख अख्तियार कर लिया है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के इलाके शीत लहर की चपेट में हैं। रविवार को ग्वालियर और दतिया समेत प्रदेश के 7 जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया गया है। सुबह के समय प्रदेश के 20 से अधिक जिले घने से मध्यम कोहरे में लिपटे रहे। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन दिन-रात के तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, लेकिन तीन दिन बाद फिर कड़ाके की ठंड लौटने के आसार हैं।
पं. खुशीलाल शर्मा शासकी आयुर्वेद संस्थान- फोटो : अमर उजाला
Cough Syrup Death Case: राजस्थान की निशुल्क दवा योजना में खांसी की सिरप की क्वालिटी चेक के लिए वितरण रोका गया है। नमूने राज्य औषधि प्रयोगशाला भेजे गए। अन्य खांसी दवाओं की भी पुनः जांच जारी।
गोल्ड मोबाइल, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुरPublished by:तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 05:37 PM IST
डायमंड डिपॉजिट सारभोपाल में सोमवार को दलित-आदिवासी संगठनों ने भोपाल डिक्लेरेशन-2 के ड्राफ्टिंग सत्र की शुरुआत की। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और SC-ST वर्ग पर अत्याचार के चलते नए डिक्लेरेशन की जरूरत है। ड्राफ्टिंग प्रक्रिया में देशभर के विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी शामिल हैं।
सारभोपाल में इस साल चार दिन सरकारी अवकाश रहेंगे। इसमें मकर संक्रांति, महानवमी, अनंत चतुर्दशी और गैस त्रासदी की बरसी शामिल हैं।
डाउनलोड रिवॉर्ड्स, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।







