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️क्लिक सर्वे,विस्तारFollow Usबुधवार–गुरुवार की मध्य रात्रि जबलपुर एसटीएफ की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत बस स्टैंड के पास उड़ीसा से गांजा तस्करी कर रहे एक ट्रक को जब्त किया है। इस दौरान 599 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही गांजा परिवहन में प्रयुक्त ट्रक को भी जब्त किया गया है, जिसकी कीमत लगभग 30 लाख रुपये है।
स्टूडेंट, सारउप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन तथा लोक निर्माण विकास मंत्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में नगर पालिका अम्बिकापुर क्षेत्र के लिए 82 करोड़ 23 लाख 71 हजार रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का भव्य लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ।
रुपईडीहा। सीमावर्ती क्षेत्र के नेपालगंज रोड स्टेशन पर लंबे समय बाद ट्रेन खड़ी किए जाने से स्थानीय लोगों में खुशी और उत्साह का माहौल है। रेलवे अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के बाद ट्रेन की बोगियों को स्टेशन परिसर में लाकर खड़ा किया गया, जिसे लोग नियमित रेल संचालन की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही आसपास के इलाकों में हलचल बढ़ गई और प्लेटफॉर्म पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Thu, 08 Jan 2026 11:27 PM IST
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बैरिया। अतिरिक्त सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, सुपरवाइजरों के एकदिवसीय प्रशिक्षण में सहायक निर्वाचन अधिकारी/ उप जिलाधिकारी बैरिया आलोक प्रताप सिंह ने टिप्स दिए। एसआईआर में शेष मैपिंग कराने के लिए 17374 मतदाताओं को तत्काल नोटिस रिसीव करने का निर्देश बीएलओ को जारी किया है। साथ ही सुपरवाइजरों को यह देखने का निर्देश दिया है कि नोटिस संबंधित लोगों के पास पहुंच रही है या नहीं। वहीं, अतिरिक्त सहायक पंजीकरण अधिकारियों को दावे और आपत्तियों को तत्काल निस्तारित करने का निर्देश दिया और कहा कि किसी भी मतदाता को नोटिस देते समय यह ध्यान रहना चाहिए कि कम से कम एक सप्ताह का मौका मतदाता को दावा और आपत्ति के लिए मिले। उप जिलाधिकारी ने बताया कि मैपिंग के प्रमाण पत्र के लिए आधार कार्ड के अलावा एक अतिरिक्त प्रमाण पत्र देना पड़ेगा। तहसील से जारी सामान्य निवास प्रमाण पत्र स्वीकार्य नहीं होगा। अपर जिलाधिकारी कार्यालय से जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र ही इसमें स्वीकार्य होगा। स्पष्ट किया कि फिलहाल तो स्थायी प्रमाण पत्र नहीं बनता है, लेकिन कुछ वर्ष पहले तक एडीएम स्तर से स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनता था। वही प्रमाण पत्र मान्य होगा। उप जिलाधिकारी ने बताया कि अन्य विकल्प भी उपलब्ध है। इसकी चर्चा नोटिस में की गई है। उसमें से किसी एक प्रमाण पत्र को देना पड़ेगा। इसके अलावा सहायक अतिरिक्त पंजीकरण अधिकारी के विवेक पर निर्भर करता है कि प्रमाण पत्र का सत्यापन करें या ऐसे ही स्वीकार कर लें। उप जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों, समाज के जागरूक लोगों से इस कार्य में सहयोग लेने का निर्देश मातहतों को दिया है।
साप्ताहिक पैसे, घटनास्थल पर उपस्थित डीआईजी एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश।- फोटो : अमर उजाला







