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💢सुपर गेम💢अंबाला सिटी। शहर की सरकार का कार्यकाल मंगलवार को पूरा होगा। इस कार्यकाल के पांच वर्ष की अपेक्षा मेयर के उपचुनाव के बाद हुए कार्यों को लेकर शहर में ज्यादा चर्चा रही। खास तौर पर शहर में हुए और होने वाले कार्यों को लेकर सियासी माहौल भी गर्माया। भाजपा मेयर ने अपने ही पार्टी नेताओं को घेरा तो कांग्रेस के पार्षदों ने भी शहर के विकास कार्यों के न होने और हाउस की बैठक नहीं होने पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।
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इंस्टेंट इनवाइट, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में बार नवापारा क्षेत्र के ग्राम हरदी में मंगलवार सुबह चार हाथी, जिनमें एक शावक भी शामिल था, करीब 15 फीट गहरे कुएं में गिर गए। बताया जा रहा है कि अंधेरे और फिसलन भरे रास्ते के कारण यह हादसा हुआ। सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर धान देखने पहुंचे तो उन्हें कुएं से हाथियों की आवाज सुनाई दी। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
जिम्मेदारी तो जट्टारी नगर पंचायत की है कि सभी रास्तों और गलियों में रात के समय प्रकाश रहे लेकिन नगर पंचायत ऐसा नहीं कर सकी। लिहाजा लोगों ने स्वयं से अपने-अपने घरों के बाहर बल्ब टांग रखे हैं ताकि रात के समय गली में रोशनी रहे और अंधेरे में गलियों में हादसे, घटनाओं से वह सुरक्षित रह सकें।
मासिक कलेक्ट, विस्तारFollow Usसरगुजा लोकसभा क्षेत्र में आयोजित सांसद खेल महोत्सव में अंबिकापुर के स्थानीय विधायक एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने युवाओं और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की बात कही। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देशभर में सांसद खेल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, ताकि युवा शक्ति को बढ़ावा मिल सके और ग्रामीण अंचलों की छिपी प्रतिभाएं सामने आ सकें।
नया रजिस्टर फरीदपुर। नगर पालिका परिषद फरीदपुर में प्रत्येक माह बोर्ड की बैठक न होने से नाराज सभासदों ने सोमवार को नगर पालिका में बैठक की। उन्होंने नाराजगी जताते हुए बोर्ड की बैठक बुलाने की मांग की। वहीं, सभासदों ने कहा कि कस्बे के विकास के लिए तमाम कार्य है। उनका प्रस्ताव करके करना चाहिए, जिससे नगर में विकास हो सके।
अल्मोड़ा में उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी की प्रसिद्ध राजमा पर जलवायु परिवर्तन और मौसम का असर पड़ा है। एक दशक पहले तक जहां 1450-1800 मीटर की ऊंचाई पर राजमा की खेती होती थी, वहीं अब वर्तमान में 1800-2400 मीटर की ऊंचाई पर इसकी पैदावार हो रही हैं। एसएसजे परिसर अल्मोड़ा, कुमाऊं विवि और गढ़वाल केंद्रीय विवि के संयुक्त शोध में इस बात का खुलासा हुआ है।
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