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💢कम्पलीट💢विस्तारFollow Usसूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की पावन दरगाह में सोमवार को भारत सरकार की ओर से दूसरी बार चादर पेश करने केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री किरेन रिजिजू अजमेर पहुंचे। दरगाह परिसर स्थित महफिलखाने में दरगाह दीवान के उत्तराधिकारी सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती सहित दरगाह कमेटी के सदस्यों ने उनकी पारंपरिक दस्तारबंदी कर स्वागत किया। इस अवसर पर दरगाह परिसर में सूफियाना रंग और अकीदत का माहौल नजर आया।
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अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजPublished by:विनोद सिंहUpdated Mon, 12 Jan 2026 08:15 PM IST
रिवॉर्ड्स कमेंट, विस्तारFollow Usअजमेर दरगाह परिसर में शिव मंदिर होने के दावे से जुड़े मामले की सुनवाई एक बार फिर टल गई है। शनिवार को सिविल कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई वकीलों के वर्क सस्पेंड के कारण नहीं हो सकी। अब कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 21 फरवरी 2026 तय की है।
सारसामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक में बुधवार को कोदो कुटकी का पेज पीने से तीन लोग बेहोश हो गए जिन्हें उपचार के लिए चिकित्सालय में दाखिल कराया गया है जहां उनकी हालत स्थिर है।
औरैया। तत्कालीन मुरादगंज चौकी प्रभारी समेत दो के निलंबन के बाद एसपी ने चौकी में तैनात एक और सिपाही रतन शर्मा को जांच के बाद लाइन हाजिर कर दिया। एसपी ने कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में यह कार्रवाई की है।
सारAmbikapur Protest: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने मनरेगा में बदलावों के खिलाफ प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी की गिरफ्तारी और कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज का कड़ा विरोध जताया।
प्लेटिनम विथड्रॉ, रास्ते में खराब हुई एम्बुलेंस, मासूम ने दम तोड़ा- फोटो : अमर उजाला
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अंबिकापुर के अधिवक्ता नीरज वर्मा ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, अंबिकापुर के सामने एक कंप्लेंट केस फाइल किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि महावीर हॉस्पिटल में गत दिनों उनकी बेटी कु. आंचल वर्मा को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था,उसे टाइफाइड और डेंगू का पता चला था और क्योंकि प्लेटलेट काउंट कम हो रहा था, इसलिए ब्लड ट्रांसफ्यूजन की ज़रूरत थी और इसलिए, दो यूनिट ब्लड की ज़रूरत थी। इलाज के दौरान अस्पताल के संचालक डाक्टर सुधांशु किरण और अधिवक्ता नीरज वर्मा के बीच कुछ कहासुनी हुई। नीरज वर्मा का आरोप था कि उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया और सभी सुविधाएं होने के बाद भी मरीज़ का इलाज करने से मना किया गया था।चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट,अंबिकापुर के आदेश पर गांधी नगर पुलिस ने अस्पताल संचालक पर एफ आई आर दर्ज किया था।
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