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💢कलेक्ट डिपॉजिट💢विस्तारFollow Usबैतूल: जिले में आपसी विवाद रविवार रात हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के सदर शराब दुकान के पास स्थित मटन मार्केट में रात करीब 8 बजे चाकूबाजी की घटना हुई। हमले में दो युवक घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
️फ्रेंड्स,मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को एक अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' से 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' की राशि 10 लाख लाभुक महिलाओं के खाते में डीबीटी के जरिए भेज दी है। उन्होंने 10 हजार रुपये प्रति लाभुक की दर से 1000 करोड़ रुपये की राशि का रिमोट का बटन दबाकर अंतरण किया। इसके पूर्व एक करोड़ 46 लाख लाभुक महिलाओं के खाते में 14 हजार 600 करोड़ रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महिला लाभुकों से बातचीत की। महिलाओं ने सीएम नीतीश कुमार को धन्यवाद करते हुए कहा कि 10000 की राशि से काफी मदद मिली है इससे वह अपना रोजगार शुरू कर चुकी है और अपनी जरूरत को पूरा कर पा रही हैं। आइए जानते हैं प्रमुख तीन महिलाओं ने और क्या क्या अनुभव साझा किए...
पंजाब में लोहड़ी की धूमHaryana Weatherनशा छुड़ाने के नाम पर लूटPhagwaraChandigarhरिकाॅर्डतोड़ ठंड से ठिठुरा चंडीगढ़PunjabChandigarh News
डायमंड रिसीव, सिकंदराबाद नोटिस के विरोध में दुकान बंद कर विरोध करते व्यापारी। संवाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदीPublished by:बूँदी ब्यूरोUpdated Fri, 19 Dec 2025 03:49 PM IST
विस्तारFollow Usराजस्थान इन दिनों घने कोहरे की चपेट में है। प्रदेश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर अगले तीन दिनों के लिए बेहद घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी मौसम विभाग की ओर से जारी की गई है। कोहरे के चलते प्रदेश में कई जगह सड़क हादसे भी हो रहे हैं। राजधानी जयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में भी घना कोहरा देखा जा रहा है। कई जगहों पर दृश्यता 20 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित होता नजर आ रहा है। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में कोहरे का प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। रविवार को गंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, भरतपुर, करौली, दौसा, डीग, धौलपुर व खैरथल-तिजारा बेहद घना कोहरा रहा।
विस्तारFollow Usकभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
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