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💢वेरिफाई कलेक्ट💢वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:45 AM IST
️बोनस,Budget 2026भोपाल के रहमान डकैत की पूरी कहानीखुदरा महंगाई दर में उछालShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'डिलीवरी बॉय बने राघव चड्ढाIND vs NZसीएम रेखा का बयानअंबरनाथ नगर परिषदIndia-US Ties
फ्री ईज़ी, सारछत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में आईएएस मनोज कुमार पिंगुआ और किरण कौशल कौर के खिलाफ पांच हजार रुपये का जमानती वारंट जारी किया। दोनों अधिकारियों को सोमवार को कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया।
सारमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशभर में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिए ‘स्वच्छ जल अभियान’ का शुभारंभ किया। अभियान के तहत हर मंगलवार जल सुनवाई होगी और आधुनिक तकनीक से जल आपूर्ति की निगरानी की जाएगी। रोबोट से पानी के लीकेज की जांच होगी।
गोपेश्वर। चमोली जिला बार एसोसिएशन ने नैनीताल से गोपेश्वर के लिए रोडवेज बस सेवा के संचालन मांग उठाई। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस संबंध में उत्तराखंड परिवहन निगम के निदेशक को ज्ञापन भेजा। अधिवक्ता मनोज भट्ट, रैजा चौधरी, सत्यप्रकाश सती, नीता बिष्ट, ज्ञानेंद्र खंतवाल, एसएस मनराल आदि ने कहा कि अधिवक्ताओं का अक्सर न्यायालय के कार्यों के लिए नैनीताल आना-जाना रहता है। मौजूदा समय में परिवहन विभाग की ओर से जो बस नैनीताल से गोपेश्वर के लिए संचालित की जा रही है वह बहुत पुरानी हो गई है। यह बस रास्ते में बार-बार खराब हो जाती है। बस खराब होने पर दूसरे वाहनों से अपने गंतव्य के लिए जाना पड़ता है। अधिवक्ताओं ने अविलंब नैनीताल से गोपेश्वर के लिए नई बस सेवा शुरू करने की मांग की। संवाद
मेगा इनवाइट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Mon, 12 Jan 2026 05:52 PM IST
रिवॉर्ड्स मोबाइल विस्तारFollow Usबिहार के शेखपुरा जिले में नल-जल योजना के तहत पंप ऑपरेटरों की बकाया मजदूरी रोकने वाले ठेकेदार के खिलाफ श्रम विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मजदूरी भुगतान में अनियमितता ठेकेदार को भारी पड़ गई। श्रम विभाग ने बकाया राशि के बदले दस गुना जुर्माना लगाते हुए भुगतान का आदेश दिया है। साथ ही, जिले के पीएचईडी विभाग से सभी ठेकेदारों और पंप ऑपरेटरों की सूची भी मांगी गई है।
वॉच कमाई, सारभोपाल के नगर निगम स्लॉटर हाउस से 26 टन मांस मुंबई भेजा गया, जिसे भैंस का मांस बताया गया था। जांच में गोमांस होने की पुष्टि हुई, जिससे नगर निगम की जांच और प्रमाणपत्र व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।







