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💢डायमंड गेम💢सारRajasthan Fog: राजस्थान में घना कोहरा छाया है। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर तीन दिन कोहरे का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में विजिबिलिटी 20 मीटर से कम हो गई है।
️विज़िट फ्री,संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:39 PM IST
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कार्यक्रम को संबोधित करते कांग्रेसी- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:24 AM IST
जिले के आठनेर कस्बे में गुरुवार को रास्ता देने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। एक पक्ष के लोगों ने परिवार सहित तीन लोगों के साथ मारपीट की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया लेकिन पुलिस और प्रशासन की तत्परता से हालात पर काबू पा लिया गया।
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विस्तारFollow Usपंजाब व हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ के सबसे बड़े मॉल में बम की सूचना से हड़कंप मच गया। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित नेक्सस एलांते मॉल में बम होने की सूचना के बाद पुलिस विभाग अलर्ट हो गया और दल-बल के साथ मौके पर पहुंचा। चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, बम व डॉग स्क्वायड और ऑपरेशन सेल की टीमें भी मौके पर पहुंची और पूरे मॉल को खाली करवाया गया। इसके बाद पूरे मॉल का चप्पा-चप्पा खंगाला गया। हालांकि बाद में पता चला कि पूरी कार्रवाई एक मॉक ड्रिल थी। 26 जनवरी को लेकर पुलिस विभाग अलर्ट मोड पर है, इसलिए सर्तकता को परखने के लिए यह मॉक ड्रिल करवाई गई थी।
मोबाइल विज़िट, चंबा। वन मंडल चंबा में कशमल की जड़ों के दोहन को लेकर स्थानीय लोग व ठेकेदार आमने सामने हो गए हैं। अब तक ठेकेदार लोगों को दस रुपये प्रति किलो की दर से कशमल जड़ों का दाम दे रहे थे जबकि दवा कंपनियों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग दाम बढ़ाने की मांग पर अड़ गए हैं। अब वे दस रुपये की जबह 18 रुपये प्रति किलो दाम देने की मांग कर रहे हैं। यह दाम चुकाने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हाे रहे हैं। इसके चलते कशमल दोहन क्षेत्र में थम गया है। हालांकि, कुछ इलाकों में लोग इसके दोहन का विरोध भी कर रहे हैं। कुछ मात्रा में उन्होंने उखाड़ी गई कशमल को जलाया भी है। फिलहाल क्षेत्र के लोग अब दाम बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में यह मामला अब लोगों व ठेकेदार के बीच में फंस गया है। विभाग चाहकर भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाग के कर्मचारी सही तरीके से कशमल दोहन पर निगरानी रख सकते हैं। ये जड़ें स्थानीय लोग किस दाम पर बेच रहे हैं और ठेकेदार आगे किस दाम पर बेच रहा है, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है।







