गेट
अल्ट्रा रजिस्टर
सब्सक्राइब, Inc
सुपर कलेक्ट
💢सब्सक्राइब इंस्टेंट💢
️गेट मोबाइल,सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में आयोजित होने वाले 814वें उर्स को लेकर अजमेर पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक और कड़े इंतजाम किए हैं। उर्स के दौरान देश-विदेश से लाखों जायरीन अजमेर पहुंचते हैं। पूर्व में दरगाह को दो बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
प्रीमियम टास्क, बलरामपुर। ठंड में हड्डी रोगियों की परेशानी बढ़ हुई है, वहीं संयुक्त जिला चिकित्सालय में कई महीनों से हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती ही नहीं है। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं। जिला अस्पताल होने के कारण यहां प्रतिदिन 90 से 100 मरीज प्रतिदिन आते हैं, लेकिन उन्हें बिना इलाज के निराश लौट रहे हैं।
बाराबंकी। निधन के दो साल बाद तक पेंशन लेने का मामला सामने आया है। मृतक के पौत्र ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी देकर तत्कालीन वरिष्ठ कोषाधिकारी व अपने चाचा पर यह गंभीर आरोप लगाए हैं। अदालत ने दोनों पर परिवाद दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के बाद पेंशन विभाग और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
हल्द्वानी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:05 PM IST
रिवॉर्ड्स, विस्तारFollow Usकटंगी में रिटायर कर्मचारी और उनकी पत्नी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि परिवार के ही दो लोगों ने की। ये दोनों दंपती के भतीजा और पोता हैं। दोनों पर चार लाख रुपए का कर्ज था और सट्टे की लत में पैसा डूब गया था। पुलिस ने दुलीचंद हाके (41) और सचिन हाके (27) को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 1.85 लाख नकद और ज्वेलरी बरामद की गई है। मुख्य साजिश सचिन ने रची थी। बता दें कि 7 अक्टूबर की सुबह कटंगी वार्ड नंबर 2 में रिटायर्ड सिंचाई विभाग कर्मचारी रमेश हाके उनकी पत्नी पुष्पकला खून से लथपथ मिले थे। दूध वाला आया तो घटना का पता चला था।
ट्रांसफर क्लिक
रूपझर थाना क्षेत्र के कटेझिरिया जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। तलाशी अभियान के दौरान खून से सने जूते और नक्सलियों का पिट्ठू बैग मिला है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मुठभेड़ में कोई नक्सली मारा गया या गंभीर रूप से घायल हुआ है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि 2-3 नवंबर की रात माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर हॉकफोर्स, सीआरपीएफ, कोबरा और थाना पुलिस की संयुक्त टीम सर्चिंग के लिए जंगल में गई थी। इसी दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में सुरक्षाबलों ने भी आत्मरक्षा में गोलीबारी की।
सब्सक्राइब कूपन, USMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Polls







