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💢बोनस विन💢संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइचUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:44 AM IST
️डिस्काउंट क्लिक,विस्तारFollow Usराजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर के कलेक्ट्रेट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। इसके बाद बाड़मेर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हो गई हैं। कलेक्ट्रेट के सरकारी ईमेल पर धमकी भरा मेल मिलने की सूचना के बाद पुलिस ने पूरे कलेक्ट्रेट परिसर को खाली करवाकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
इनवाइट बोनस,
विस्तारFollow Usजोधपुर में सेना भर्ती कार्यालय, जोधपुर के तत्वावधान में राजकीय शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय परिसर में दो दिवसीय सेना भर्ती रैली का सफल आयोजन किया गया। रैली में सिरोही, जालौर, अजमेर, बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर और फलोदी सहित 10 जिलों से 90 प्रतिशत से अधिक उम्मीदवारों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में शामिल हुए युवाओं का उत्साह और देशभक्ति का जोश विशेष रूप से नजर आया।
अर्न कमेंट, अंबाला। जीएमएन कॉलेज में रन फॉर स्वदेशी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देशवासियों में स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करना रहा। रन फॉर स्वदेशी का आयोजन कॉलेज परिसर एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में किया गया। जिसमें एनसीसी कैडेट्स, शारीरिक शिक्षा विभाग के छात्र, एनएसएस स्वयंसेवक, जीएमएन कॉलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थी एवं महाविद्यालय के अन्य छात्र-छात्राएं, सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर जीएमएन कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्राचार्य डॉ. रामलखन माली भी मौजूद रहे। इससे पूर्व महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने स्वदेशी के महत्व पर प्रकाश डाला। संवाद
साइन अप ईज़ी कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
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बड़ा गेट, राजस्थान प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन बालोतरा जिले के गिड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सामने आ रहे हालात इन दावों की सच्चाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं। यहां नियमों को ताक पर रखकर मरीजों को सरकारी दवाइयों के बजाय निजी मेडिकल से बाहरी दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आरोप है कि यह पूरा खेल कुछ चिकित्सकों और निजी मेडिकल संचालकों की आपसी मिलीभगत से संचालित हो रहा है।







