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💢वीआईपी टास्क💢विस्तारFollow Usयूपी के बुलंदशहर जिले के एनएच-34 पर लालपुर चितौला गांव के पास पुल पर सोमवार शाम को अनियंत्रित बाइक रेलिंग से टकरा गई। तभी बाइक सवार युवक पुल से नीचे जा गिरा, जिसमें युवक की मौत हो गई। पुलिस ने हादसे की जानकारी परिजनों को दी।
️कम्पलीट मोबाइल,पीडीडीयू नगर। अलीनगर थाना क्षेत्र के मवई खुद वार्ड में आरबीआई का एजेंट बन एक व्यक्ति ने दंपती सोने के गहने देने के नाम पर 4.35 लाख रुपये ठग लिया। पीड़ित से मिली तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
कांग्रेस नेता पर गोलीबारी और तलवार के हमले के बाद मची अफरातफरी- फोटो : अमर उजाला
विन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सीएस अनुराग जैन- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:05 AM IST
सारराजस्थान के बीकानेर में वैज्ञानिकों ने ऊंट के खून से एंटी-स्नेक वेनम तैयार कर सर्पदंश के इलाज में नई सफलता हासिल की है। यह नई दवा पारंपरिक घोड़े के खून से बने एंटी-वेनम की जगह ले सकती है, जिससे एलर्जी और गंभीर साइड इफेक्ट्स की समस्या कम होगी।
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गेम रिसीव, चहनिया। भुपौली पंप कैनाल से नहर में पानी छोड़े जाने से किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बताया कि नवंबर में भारी बारिश के चलते अभी खेतों में पर्याप्त नमी है। इस कारण गेहूं की बुआई दिसंबर के अंतिम सप्ताह व जनवरी के प्रथम सप्ताह में की गई। ऐसे में नहर में पानी छोड़े जाने के कारण किसानों का भारी नुकसान हो रहा है। लगभग 2 प्रतिशत किसान अपनी फसलों को भरने के लिए टेल पर पानी ले जाना चाहते हैं और कुलावे को खुला छोड़ दे रहे हैं। जिससे अन्य किसानों की फसलें डूब जा रही हैं, जिससे आए विवाद हो रहा
रजिस्टर कूपन सारहरियाणा के खान एवं भूविज्ञान और विकास एवं पंचायती राज मंत्री कृष्णलाल पंवार ने चंडीगढ़ में आयोजित पत्रकारवार्ता में कई बिंदुओं पर जानकारी दी। खान एवं भूविज्ञान मंत्री पंवार ने बताया कि अवैध खनन की निगरानी की सबसे अधिक आवश्यकता दूसरे राज्यों के पास है।
चरखी दादरी। दादरी जिले में भूजल का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और इसके साथ ही पानी में फ्लोराइड व लवणीयता की मात्रा भी बढ़ चुकी है। हालात यह हैं कि जिले के बाढड़ा क्षेत्र को पहले डार्क जोन घोषित किया जा चुका है। हालांकि 2018 में किसानों की मांग और हल्के सुधार के साथ डार्क जोन से बाहर कर दिया था। पेयजल संकट इतना गहरा गया है कि अब शहर ही नहीं, गांवों में भी लोग आरओ और कैंपर से पानी खरीद कर पीने के लिए मजबूर हैं। बाढड़ा क्षेत्र में भूजल स्तर करीब 260 फीट नीचे पहुंच चुका है। लगातार दोहन और प्राकृतिक जल स्रोतों के खत्म होने से हालात और गंभीर हो गए हैं। दादरी जिले के अधिकतर क्षेत्रों में भूजल लवणीय और सोडिक पाया जा रहा है, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। विशेषज्ञों के अनुसार फ्लोराइड युक्त पानी लंबे समय तक पीने से हड्डियों और दांतों से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
डिपॉजिट इनाम, वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:30 AM IST







