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💢दैनिक कमेंट💢सारमछली का जाल निकालने के लिए तालाब में उतरा युवक खुद ही जाल में फंस गया, जिससे उसकी मौत हो गई। युवक के परिजनों ने साथी मछुआरे पर तालाब में उतरने के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
️दैनिक कैश,
अल्ट्रा गेम, घुमारवीं एसडीएम को ज्ञापन सौंपते वरिष्ठ नागरिक और संस्था के लोग। स्रोत: वरिष्ठ नागरिक
विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक दलित युवक के साथ अमानवीय बर्ताव का मामला सामने आया है। आरोप है कि तीन युवकों ने एक दलित ड्राइवर को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की, शराब पिलाई और जबरन पेशाब पिलाने की घृणित हरकत की। पीड़ित को गंभीर हालत में मंगलवार सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर करोड़ी लाल मीणा और एडिशनल एसपी संजीव पाठक अस्पताल पहुंचे और पीड़ित से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली।
पूजा अर्चना कर परिवार की सुख शांति के लिए की प्रार्थना
सारबिलासपुर स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में तब हंगामा मच गया जब कुलपति ने एक साहित्यकार को मंच से जाने के लिए कह दिया। कुलपति के इस व्यवहार से नाराज होकर हिंदी के कई साहित्यकारों ने विरोध जताया और कार्यक्रम को बीच में ही छोड़ दिया।
इंस्टेंट ऑनलाइन, पुलिस हिरासत में सरपंच सहित तीनों आरोपी।- फोटो : संवाद
विशेष डिस्काउंट सऊदी अरब में स्पैनिश सुपर कप फाइनल में रियल मैड्रिड को उसके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी बार्सिलोना ने रोमांचक मुकाबले में 3-2 से हराया। इस मैच ने रियल मैड्रिड टीम में खलबली मचा दी है। जहां मैड्रिड को कप से हाथ धोना पड़ा, वहीं हार से निराश रियल मैड्रिड के मालिकों ने मैनेजर जावी अलोंसो को बर्खास्त कर दिया। हालांकि, उनकी बर्खास्तगी से ठीक पहले मैदान का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें किलियन एम्बाप्पे की हरकत से बवाल मच गया है।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सब्सक्राइब मोबाइल, बलरामपुर तहसील कार्यालय में दस्तावेजों के एवज में अवैध धन मांगने का एक गंभीर मामला सामने आया है। टांगरमहरी निवासी दीपक यादव ने तहसील कार्यालय के समक्ष तख्ती लेकर धरना प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि तहसील कार्यालय में पदस्थ एक बाबू और चौकीदार ने उन्हें अधिकार अभिलेख जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए ₹500 की रिश्वत मांगी, जबकि इसके लिए निर्धारित सरकारी शुल्क मात्र ₹10 था। दीपक यादव के पास ₹200 ही उपलब्ध थे और वह शेष ₹300 के लिए राजस्व अधिकारियों से “भीख” मांगने की बात कहते हुए धरने पर बैठे थे।







