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रिसीव
💢लाइक💢आलापुर के महेशपुर मंडप गांव में मत्स्य पालक की मौत के बाद जमा ग्रामीणों की भीड़।
️मासिक गेम,सारजिला चिकित्सालय में 75 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिसमें 25 पुरानी बिल्डिंग में तथा 50 नए भवन में लगाए गए हैं। इनकी तस्वीरों की गुणवत्ता बहुत खराब है। इस वजह से आऱोपियों की पहचान नहीं हो पा रही है।
देवा। स्थानीय ब्लॉक के सलारपुर में चल रही प्रीमियर क्रिकेट लीग में रविवार दो क्वार्टर फाइनल सहित तीन मैच खेले गए। सिंह इलेवन बिशनपुर और खेवली हरई की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई।
विन,
गड़वार। आर्म्स एक्ट मामले में पुलिस ने एक रायफल व चार तमंचे के साथ दो भाईयों विश्वरूप सिंह व चंदन सिंह निवासी सिवान बिहार को लग्जरी वाहन के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों भाई वाहन से थाना क्षेत्र में अवैध हथियार का सौदा करने आए थे।
सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCWest Bengalबीवी ने मरवा डाला पतिकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालविकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद
रिसीव, अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:ललित कुमार सिंहUpdated Wed, 07 Jan 2026 08:00 AM IST
नया लाइक बस्ती। माध्यमिक विद्यालयों में प्री-बोर्ड परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने यह परीक्षा पूरी तरह विद्यालयों की जिम्मेदारी पर छोड़ दी है। पहले ही दिन जिम्मेदार अधिकारी परीक्षा का जायजा लेना भी मुनासिब नहीं समझे। अंदरखाने से मिली जानकारी के अनुसार अधिकांश राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्री-बोर्ड परीक्षा का कोरम पूरा किया गया है। सिर्फ कुछ निजी स्कूलों में ही सख्ती देखने को मिली।
विस्तारFollow Usअमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
लाइक रिवॉर्ड्स, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में बालाघाट नगरपालिका की बड़ी लापरवाही और गड़बड़ी का मामला सामने आया है। करीब 1 करोड़ 14 लाख 10 हजार रुपये की राशि ऐसे 133 हितग्राहियों को जारी कर दी गई, जिन्होंने आवास का निर्माण ही नहीं किया। अक्तूबर में मामला उजागर होने के बाद से नगर पालिका वसूली के लिए जूझ रही है।







