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💢मेगा लाइक💢विस्तारFollow Usप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
️प्लेटिनम शेयर,Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
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डूंगरपुर जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की सोमवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित बैठक उस समय हंगामेदार हो गई, जब बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत और उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बहस इतनी बढ़ी कि दोनों सांसदों के बीच तू-तड़ाक तक हो गई, जिससे बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
बर्दिया में माघी महोत्सव में कार्यक्रम प्रस्तुत करतीं थारू समाज की महिलाएं। -संवाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगर मालवाPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Sat, 29 Nov 2025 09:15 AM IST
अल्ट्रा कलेक्ट, महिलाओं से अच्छी बचत कोई नहीं कर सकता। वह घर का बजट इतनी समझदारी से बनाती हैं कि सारे खर्चे निकालने के बाद भी हर महीने छोटी-मोटी बचत कर ही लेती हैं। इसी बचत को सही जगह पर निवेश कर वह बढि़या रिटर्न भी पा सकती हैं। अमर उजाला के स्त्री शक्ति समृद्धि जैसे कार्यक्रम महिलाओं को निवेश के लिए जागरूक करने के साथ दिशा भी दे रहे हैं। यह विचार महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने अमर उजाला बोनस और केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड की ओर से निवेश के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यशाला में व्यक्त किए।
कम्पलीट डाउनलोड औरैया। कलक्ट्रेट में सोमवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान शहर के जिला अस्पताल में तैनात डॉ. प्रेमा यादव के लापरवाह रवैये को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई।
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:44 AM IST
रिवॉर्ड्स, सारमाघ मेले में तीन हजार करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। 44 दिन तक चलने वाले मेले में 15 से 20 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। पांच लाख लोगों को रोजगार मिल सकता है। अयोध्या, वाराणसी और अन्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से वहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है।







