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💢अर्न फ्रेंड्स💢अल्मोड़ा। चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में भाषण के दौरान अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस को इस मामले में शुक्रवार को तहरीर मिली थी। तहरीर में बाड़ी बगीचा अल्मोड़ा निवासी वैभव जोशी ने कहा कि बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में अंकिता भंडारी प्रकरण में विभिन्न संगठनों की आमसभा हो रही थी। वह भी सभा में अपने दोस्तों के साथ उपस्थित थे। लोग बारी-बारी से भाषण दे रहे थे। तभी एक महिला भाषण देने लगी। भाषण के दौरान उसने कई बातें समाज में द्वेष फैलाने वाली कह दी। प्रदेश के मुख्यमंत्री को जूता मारने, शराबियों एवं बलात्कारियों जैसे घिनौने शब्दों को ब्राह्मणवाद और मानुवाद से जोड़ दिया। कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय ने बताया तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 191 (1) और 352 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। मामले की विवेचना एसएसआई सतीश चंद्र कापड़ी को सौंपी गई है।
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विस्तारFollow Usजैसलमेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने नई दिल्ली में केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस.जयशंकर से मुलाकात कर बालोतरा जिले के सोहड़ा गांव निवासी 19 वर्षीय युवक रमेश मेघवाल की कतर में हुई संदिग्ध मौत के मामले में त्वरित हस्तक्षेप की मांग की।
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मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 02:36 AM IST
वॉच विन,
कमाई साइन अप अमरोहा। साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी गजेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के मामले में नया मोड़ आ गया है। कलक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया और दुष्कर्म के आरोपी की गिरफ्तारी को गलत बताया। पुलिस पर फंसाने का आरोप लगाते हुए दूसरे जिले की पुलिस से निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।
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