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💢गेम फ्री💢राजस्थान की माटी का कण-कण शौर्य और गौरवशाली इतिहास की गवाही देता है, लेकिन बानसूर विधानसभा क्षेत्र में यह गौरव आज अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। ग्राम हाजीपुर और बानसूर मुख्य कस्बे की पहाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक किले प्रशासनिक उपेक्षा और पुरातत्व विभाग की उदासीनता के चलते खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। जो किले कभी सुरक्षा के अभेद्य कवच और राजपूताना आन-बान-शान के प्रतीक थे, वे आज सरकारी फाइलों में गुम होकर अपना अस्तित्व खो रहे हैं।
️प्लेटिनम डिस्काउंट,अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष गुलाम अहमद मीर ने केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा का नाम और नीतियां बदलकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के कानूनी अधिकार को छीनने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कदम का मुंहतोड़ जवाब देगी।
सारवरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए पुलिस ने पांच हजार के एक इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने 10 लाख रुपये लेकर किसी अन्य के स्थान पर परीक्षा दी थी।
बोनस, 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 10:49 PM IST
विस्तारFollow Usपश्चिमी राजस्थान की राजनीति एक बार फिर जिला सीमाओं के सवाल पर उबाल पर है। बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए ताजा फेरबदल ने न सिर्फ प्रशासनिक ढांचे को झकझोर दिया है, बल्कि प्रदेश की राजनीति को भी आमने-सामने ला खड़ा किया है। कांग्रेस इस फैसले को जनविरोधी और राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा इसे संतुलित प्रशासन और विकास की दिशा में जरूरी कदम करार दे रही है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारांPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Mon, 17 Nov 2025 04:14 PM IST
वीडियो लाइक, गोरखपुर ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:35 AM IST
दैनिक अर्न
दिल्ली में मस्जिद के पास बुलडोजर एक्शन के बाद पथराव- फोटो : पीटीआई
फ्री ऐप, अंबाला। प्राचीन बब्याल गद्दी, श्री गोगा मंदिर दलीप गढ़ में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर में गुरु गोरखनाथ जी को समर्पित खिचड़ी वितरण की 52 साल पुरानी परंपरा को निभाते हुए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। योगी दिनेश नाथ ने बताया कि इस बार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश और एकादशी तिथि के संयोग के कारण यह पर्व 15 जनवरी, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस परंपरा का इतिहास दिलचस्प है। मंदिर के योगी दिनेश नाथ ने बताया कि वर्ष 1973 में स्वर्गीय योगी शमशेरनाथ ने एक छोटी सी कड़ाही में खिचड़ी बनाकर बांटने की शुरुआत की थी, देखते ही देखते यह परंपरा विशाल रूप ले चुकी है। अब हर साल मकर संक्रांति पर लगभग ढाई क्विंटल देसी घी की खिचड़ी तैयार कर सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं में वितरित की जाती है।







