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️वेरिफाई टास्क,फफूंद। ब्लॉक भाग्यनगर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत हुए घोटाले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली। बीडीओ डॉ. आदित्य तिवारी की तहरीर पर दो बीएमएम समेत चार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सारकिरनापुर विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक शाला मेंढरा में बच्चों को केले के पत्तों में मध्यान्ह भोजन परोसने के मामले में कलेक्टर ने प्रभारी प्रधानपाठक को गंभीर लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
गेम, सारKhairthal News: खैरथल कलेक्ट्रेट में उत्पीड़न से परेशान एक कर्मचारी ने निर्वस्त्र होकर विरोध जताया। कड़ाके की ठंड में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उसने न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने उसे समझाकर कपड़े पहनाए।
श्रवणक्षेत्र (अंबेडकरनगर)। कटेहरी विधानसभा की ग्राम पंचायत पीठापुर सरैया में शनिवार को अपना दल (एस) की बैठक हुई। विधानसभा अध्यक्ष इंद्रजीत पटेल ने कहा कि पार्टी की विचारधारा और नीतियों को प्रत्येक गांव, मोहल्ले और मतदाता तक पहुंचाना प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने जोर दिया कि संगठन की मजबूती कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जनता से सीधे संवाद पर निर्भर करती है। इसके लिए जोन स्तर के गठन को शीघ्र पूरा करने और बूथ स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता है। बूथ स्तर की सुदृढ़ता ही विधानसभा स्तर पर सफलता की आधारशिला होती है। मुख्य अतिथि प्रदेश महासचिव राजितराम पटेल ने संगठनात्मक अनुशासन, निरंतर संपर्क और सक्रियता को संगठन की रीढ़ बताया। इस दौरान राजेंद्र पटेल, हितेंद्र कुमार, महेश कुमार, देवेंद्र कुमार प्रजापति, राजेंद्र यादव, विपिन तिवारी व अन्य उपस्थित रहे।
बरेली। नवाबगंज में नेशनल हाईवे-74 के पास गांव ग्रेम में 112 एकड़ जमीन पर एम्प्लाइमेंट जोन बनाने की तैयारी है। जिले के प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर ने सोमवार को इस संबंध में कार्रवाई शुरू करने के निर्देश अफसरों को दिए। दावा है कि इस योजना के साकार होने से नवाबगंज में औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी और एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
कलेक्ट रिसीव,
नया मोबाइल संवाद न्यूज एजेंसीPublished by:गायत्री जोशीUpdated Thu, 08 Jan 2026 01:55 PM IST
वॉच, विस्तारFollow Usकहते हैं कि इंसान चला जाता है, लेकिन उसके कर्म अमर हो जाते हैं। राजस्थान के बालोतरा जिले से आई यह खबर इसी कथन को साकार करती है। महज पांच साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले भोमाराम ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में ऐसा काम कर दिया, जिसने तीन जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी दे दी। भोमाराम के माता-पिता ने गहरे दुख के बीच ऐसा साहसिक और मानवीय फैसला लिया, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।







