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️नया कम्पलीट,बुलंदशहर। जिले में शहीदों के सम्मान में शौर्य द्वार बनेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के जाल बिछेंगे। शनिवार को जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अंतुल तेवतिया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 104 करोड़ रुपये का पुनरीक्षित बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया।
ईज़ी डाउनलोड, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Mon, 12 Jan 2026 05:52 PM IST
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद आजीवन कारावास के बंदियों को बड़ी राहत दी है। जेल विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद कुल 481 आजीवन दंडित बंदियों के मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 87 बंदियों को समयपूर्व रिहाई के लिए पात्र पाया गया है। वहीं, 394 बंदियों को निर्धारित शर्तें पूरी न होने के कारण अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। राज्य सरकार ने अपने पूर्व आदेश के तहत गठित प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में कानूनी प्रावधानों, बंदियों के आचरण, अपराध की पृष्ठभूमि और अन्य तथ्यों का गहन परीक्षण किया।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:30 AM IST
सारपूर्णिया जिले में 24 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना सामने आई है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
गेट, बुलंदशहर। नगर कोतवाली पुलिस द्वारा जून 2025 में नशीली गोेलियों की तस्करी करने वाले शातिर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इस मामले में अब एडीजे चतुर्थ प्रमोद कुमार गुप्ता के न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना है। साथ ही आठ माह का सश्रम कारावास व 50 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
रिसीव क्लिक चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 06:48 PM IST
सारMP:सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें 2018 में ट्रेन में महिला यात्री के सामने अशोभनीय व्यवहार और नशे में दुर्व्यवहार के आरोपों वाले एक न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी रद्द की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी के आचरण को घृणित और चौंकाने वाला बताया और कहा कि ऐसे मामलों में अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए था।
वीआईपी अर्न,







