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💢वीडियो मोबाइल💢सारAjmer:राजस्थान लोक सेवा आयोग ने डिप्टी कमांडेंट (गृह रक्षा विभाग) भर्ती परीक्षा 2025 के प्रवेश-पत्र जारी कर दिए हैं। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट और एसएसओ पोर्टल से प्रवेश-पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
️लाइक पैसे,USMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Polls
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सारबरेली के सिरौली थाना इलाके में किसान सुरेशपाल की हत्या का पर्दाफाश हो गया है। पूछताछ में पता चला कि सुरेशपाल की पत्नी ममता ने अपने प्रेमी होतम सिंह के साथ मिलकर उसकी हत्या कराई थी।
जिले में कई स्थानों पर नहर तटबंधों पर बिजली निगम अपना खंभा लगा दिया है और बिजली की आपूर्ति कर रहा है। यह खंभे नहर की सिल्ट सफाई और बंधों की मरम्मत के दौरान रोड़ा बनते हैं। सिंचाई विभाग इनको हटाने के लिए विद्युत निगम को नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है।
विस्तारFollow Usउत्तर प्रदेश में विक्षोभ के असर से मौसम का मिजाज बदल गया है। शुक्रवार को सुबह नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर में हल्की बूंदाबांदी हुई। वहीं मथुरा में बूंदाबांदी के साथ ओले भी गिरे। तराई व पश्चिमी इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा रहा। पूर्वानुमानों के मुताबिक, प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में दिन चढ़ने के साथ गुनगुनी धूप खिली। साथ ही कई जिलों में दिन के तापमान में हल्की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, यूपी के बहराइच जिले से स्कूलों को लेकर अपडेट सामने आया है। अभी स्कूल बंद चल रहे हैं।आइए जानते हैं कब खुलेंगे स्कूल?
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सिणधरी उपखंड के कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास में उस वक्त हंगामा हो गया, जब छात्राओं ने वार्डन, उसकी बहन और एक सुरक्षा गार्ड पर मारपीट तथा प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए। छात्राओं का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासन और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया गया। घटना के बाद छात्रावास और विद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति बनी रही।
विन, विस्तारFollow Usराजस्थान प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन बालोतरा जिले के गिड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सामने आ रहे हालात इन दावों की सच्चाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं। यहां नियमों को ताक पर रखकर मरीजों को सरकारी दवाइयों के बजाय निजी मेडिकल से बाहरी दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आरोप है कि यह पूरा खेल कुछ चिकित्सकों और निजी मेडिकल संचालकों की आपसी मिलीभगत से संचालित हो रहा है।







