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💢बोनस डिस्काउंट💢इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
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प्रीमियम रिवॉर्ड्स, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Mon, 06 Oct 2025 03:37 PM IST
बच्ची से दुष्कर्म। (सांकेतिक तस्वीर)- फोटो : अमर उजाला
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लाइक टास्क, मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 समारोह- फोटो : अमर उजाला
ऑनलाइन विस्तारFollow Usछतरपुर जिले में अप्रैल से नवंबर 2025 तक करीब 8 माह की अवधि में कुल 402 बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस दौरान 64 बच्चों ने रास्ते में, 83 बच्चों की घर पर और 255 बच्चों की अस्पताल में डिलीवरी के बाद उपचार के दौरान दम तोड़ा। कुल 16,912 डिलीवरी में से 402 नवजातों की मृत्यु दर्ज की गई है।
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:59 PM IST
वेरिफाई कैश, चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:42 AM IST







