Global
  • Global
  • Türkiye
  • Việt Nam
  • México
  • Perú
  • Colombia
  • Argentina
  • Brasil
  • India
  • ประเทศไทย
  • Indonesia
  • Malaysia
  • Philippines
  • 中國香港
  • 中國台灣
  • السعودية
  • مصر
  • پاکستان
  • Россия
  • 日本
Download

पुराना इंस्टेंट

अर्न रजिस्टर

वीडियो मोबाइल

4.9 Version: V5.3.6

अल्ट्रा ऐप, Inc

रिसीव ईज़ी

💢स्टूडेंट💢

️गोल्ड वीडियो,सारखाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता हासिल करने और किसानों की आय में दीर्घकालीन व स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल–ऑयल पाम योजना को प्रभावी रूप से लागू कर रही हैं।

प्राचीन ज्ञान और शिक्षा का केंद्र रहे नालंदा विश्वविद्यालय में 12 और 13 जनवरी को इंडिया थिंक टैंक फोरम (ITTF) का आठवां संस्करण आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय फोरम में देश के प्रमुख नीति विशेषज्ञ बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका पर गहन मंथन करेंगे। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) के सहयोग से आयोजित इस फोरम की थीम है, 'बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत: आंतरिक दृढ़ता का निर्माण'। यह विषय वर्तमान समय की जटिलताओं और चुनौतियों को रेखांकित करता है, जहां भारत को वैश्विक शक्ति के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करते हुए आंतरिक क्षमताओं को भी सुदृढ़ करना आवश्यक है।

क्लिक, बीते दिनों मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐशबाग में बने 90 डिग्री वाले ब्रिज की पूरे देश में चर्चा रही। इसके बाद अब प्रदेश के ही बुरहानपुर जिले के नेपानगर में बने 86 डिग्री वाले ओवरब्रिज की भी सुरक्षा व्यवस्था पर स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं। करीब दो साल पहले जनता के लिए खोले गए इस ब्रिज पर अब तक दो हादसे हो चुके हैं, जिसमें एक मौत भी हुई थी। इसके बाद से इस पर जालियां लगाने का काम फाइलों में अटका पड़ा है। हालांकि फरवरी माह में हुए हादसे के बाद स्थानीय नगर पालिका अध्यक्ष भारती पाटील ने भी इंजीनियरों के साथ इस रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण किया था। इसके बाद ही ब्रिज पर सुरक्षा जालियां लगाने का निर्णय लिया गया था। हालांकि स्थानीय कांग्रेस नेता जगमीत सिंह जोली का कहना है कि 90 और 86 डिग्री में कोई बड़ा अंतर नहीं है। ऐसे में क्या जिला प्रशासन अब भी यहां कोई बड़ा हादसा होने का इंतजार कर रहा है।

राजकीय उच्च पाठशाला चुवाड़ी में बच्चों को पढ़ाती अध्यापिका। स्रोत: डीपीआरओ

प्रीमियम वॉच, भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।

इंस्टेंट पॉइंट्स कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदीPublished by:बूँदी ब्यूरोUpdated Sat, 27 Sep 2025 11:13 AM IST

डिस्काउंट रिवॉर्ड्स,

More Similar Apps

See All