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💢सुपर रिसीव💢मोढ़ चैंपियनशिप क्रिकेट टूर्नामेंट में टॉस कराते अति​थि। स्रोत आयोजक

️छोटा स्टूडेंट,T20 WCसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालWest Bengalविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?यूपीप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालदिल्ली में फिर टूटा ठंड का रिकॉर्डअंबरनाथ नगर परिषदBihar News

विस्तारFollow Usबीजापुर में विधायक विक्रम मंडावी ने आज  जिला मुख्यालय  में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर संभाग का बीजापुर जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां संविधान की पांचवीं अनुसूची लागू है। 25 जनवरी 1994 से पंचायती राज व्यवस्था के साथ ही प्रदेश में पेसा कानून भी लागू है। इनके तहत ग्राम सभा सर्वोपरि है और गांव में किसी भी विकास कार्य के लिए ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है। यह संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया हमारे लोकतंत्र को मजबूत करती है।

डिपॉजिट कैश,

नजीबाबाद में भाजपा  कार्यकर्ताओं को संबो​धित करते तपराज सिंह। स्रोत-स्वयं

लोहाघाट (चंपावत)। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों की सद्बुद्धि की कामना के लिए भजन-कीर्तन का आयोजन किया। रविवार को भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष गिरीश कुंवर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर लोहाघाट में भजन-कीर्तन किया।

सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता राजकुमार हड़ौदी।- फोटो : 1

प्लेटिनम वॉच, मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में कफ सिरप पीने से दो बच्चों की मौत के बाद अब एक और बच्चा जिंदगी की जंग लड़ रहा है। तीसरे बच्चे की किडनी पूरी तरह फेल हो गई हैं। वह इस समय नागपुर मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं के सेवन से बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

लॉग इन वेरिफाई गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद आजीवन कारावास के बंदियों को बड़ी राहत दी है। जेल विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद कुल 481 आजीवन दंडित बंदियों के मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 87 बंदियों को समयपूर्व रिहाई के लिए पात्र पाया गया है। वहीं, 394 बंदियों को निर्धारित शर्तें पूरी न होने के कारण अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। राज्य सरकार ने अपने पूर्व आदेश के तहत गठित प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में कानूनी प्रावधानों, बंदियों के आचरण, अपराध की पृष्ठभूमि और अन्य तथ्यों का गहन परीक्षण किया।

डिपॉजिट वेरिफाई,

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