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💢बड़ा सर्वे💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेरPublished by:मुंगेर ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:18 PM IST
️गोल्ड इंस्टेंट,बीजापुर के गंगालुर थाना क्षेत्र के एफओबी कोप्पागुड़ा से सीआरपीएफ 199 वाहिनी की टीम एफओबी पीड़िया क्षेत्र में एरिया डॉमिनेशन एवं डिमाइनिंग ड्यूटी पर निकली थी। अभियान के दौरान पीड़िया कैम्प से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर निर्माणाधीन सड़क से करीब 50 मीटर दूर डिमाइनिंग के दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गए दो आईईडी बरामद हुई, उसे सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करते हुए केरिपु 199 वाहिनी की बीडीडी टीम की सहायता से मौके पर ही सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया गया। बरामद आईईडी में से एक टिफिन बॉक्स में तथा दूसरा बियर की बोतल में लगाया गया था। दोनों आईईडी प्रेशर मैकेनिज्म से लगाए गए थे। सुरक्षा बलों की सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई से माओवादियों की एक बड़ी साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया। बीजापुर पुलिस एवं सुरक्षा बल क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं विकास कार्यों को सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।
गोल्ड वॉच, वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:16 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:39 AM IST
चंडीगढ़ के एलांते मॉल में बमSagar NewsBihar CrimeKota NewsSirohiपटियाला में मुठभेड़पूर्णिया गैंगरेप को लेकर नीतीश सरकार पर भड़के सांसद पप्पू यादवJhalawar Newsबरनाला में सरपंच गिरफ्तारPunjab
सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता राजकुमार हड़ौदी।- फोटो : 1
विशेष क्लिक, चंडीगढ़। रामदरबार इलाके में युवक रोहित की हत्या के मामले में अदालत ने दो आरोपियों अंकित उर्फ बस्सी और यश की जमानत याचिका खारिज कर दी। दोनों फिलहाल बुड़ैल जेल में बंद हैं।
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बीजापुर में कांग्रेस नेता विमल सुराना ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में बड़े बदलाव कर गरीबों के काम करने और मजदूरी पाने के अधिकार को छीनने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को काम की कानूनी गारंटी थी और मांग करने पर 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य था। लेकिन अब यह अधिकार समाप्त हो गया है और सरकार की मर्जी से काम मिलेगा।
अतिरिक्त वेरिफाई, विस्तारFollow Usपंजाब सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर में लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी की गई है जिसके तहत एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की वैधता समाप्त हो चुकी परियोजनाओं के लिए अब दो साल का विस्तार दिया जाएगा। यह सुविधा विशेष रूप से वर्ष 2014 के बाद मंजूर परियोजनाओं पर लागू होगी।







