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💢अतिरिक्त अर्न💢सारबुरहानपुर में ईद-उल-अजहा के दिन एक बहुत ही खास नज़ारा देखने को मिला। यहां एक लाख से ज़्यादा मुस्लिम लोगों ने मिलकर नमाज़ पढ़ी। शाही ईदगाह से लेकर आसपास की सड़कों तक लोग सिर झुकाकर दुआ मांगते नजर आए। पूरे शहर का माहौल दुआओं और अमन-शांति की कामनाओं से भर गया।
️गेट गेम,Budget 2026खुदरा महंगाई दर में उछालShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'डिलीवरी बॉय बने राघव चड्ढाIND vs NZसीएम रेखा का बयानअंबरनाथ नगर परिषदIndia-US Tiesपीएम मोदी कार डिप्लोमेसी
चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:55 AM IST
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विस्तारFollow Usमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्यमिता, नवाचार और व्यापार भारतीय संस्कृति और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। प्राचीन काल से ही भारत व्यापार और व्यवसाय की गहरी समझ रखने वाला देश रहा है। युवा ही देश को नई सोच और नई दिशा देते हैं तथा उनके नवाचार विकास की मजबूत नींव बनते हैं। इसलिए नवाचारों को प्रोत्साहन देना राज्य सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित दो दिवसीय मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट–2026 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत में 6 करोड़ से अधिक एमएसएमई कार्यरत हैं, जो देश की जीडीपी में 30 प्रतिशत से अधिक का योगदान देते हैं, जबकि कुल निर्यात में इनकी हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में स्टार्ट-अप्स का योगदान अतुलनीय है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम बन चुका है और देश चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो गया है।
मध्य प्रदेश में एक बार फिर सर्दी ने तीखा रुख अख्तियार कर लिया है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के इलाके शीत लहर की चपेट में हैं। रविवार को ग्वालियर और दतिया समेत प्रदेश के 7 जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया गया है। सुबह के समय प्रदेश के 20 से अधिक जिले घने से मध्यम कोहरे में लिपटे रहे। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन दिन-रात के तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, लेकिन तीन दिन बाद फिर कड़ाके की ठंड लौटने के आसार हैं।
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विस्तारFollow Usबदायूं जिले में किसानों ने खेतों के चारों ओर तारबंदी की हुई है, कुछ ने तो अपने खेत की मेड़ों पर लोहे के टिनशेड भी लगा रखे हैं, बावजूद इसके छुट्टा पशु इन्हें तोड़कर खेतों में घुस फसल नष्ट कर जा रहे हैं। मजबूरी में किसानों को भीषण सर्दी में खेतों में घूमकर और मचानों पर जागकर पहरा देना पड़ रहा है। खेत की रखवाली के दौरान छुट्टा पशु हमलावर भी हो जाते हैं, ऐसे में उन्हें अपनी जान का भी खतरा रहता है।
मासिक बोनस, स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, रियादPublished by:स्वप्निल शशांकUpdated Tue, 13 Jan 2026 08:56 AM IST







