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️कम्पलीट शेयर,भिवानी। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय ने बी फार्मेसी, बीएड और एमएड कोर्सों की मुख्य और रि-अपीयर परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विद्यार्थी बिना लेट फीस के 17 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं। लेट फीस के विकल्प के तहत छात्र 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क के साथ 20 जनवरी और 1000 रुपये लेट फीस के साथ 22 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं।
बेमेतरा में एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने जिला पंचायत सीईओ प्रेमलता पद्माकर के बेमेतरा स्थित आवास पर दबिश दी है। प्रेमलता पद्माकर वर्ष 2014 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा की अफसर हैं। उनके निवास पर एसीबी की टीम जांच कर रही है। जांच अभी जारी है। मिली जानकारी अनुसार यह छापा आरआई भर्ती पदोन्नति घोटाले के संबंध में मारा गया है। पटवारी से आरआई बनाने के लिए हुए विभागीय पदोन्नति परीक्षा में धांधली की गई थी।
इनाम सर्वे, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:संदीप तिवारीUpdated Tue, 19 Aug 2025 08:20 PM IST
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोलीUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:59 PM IST
मोगा नगर निगम में मेयर के इस्तीफे के बाद लंबे समय से लंबित चल रहे मेयर चुनाव को लेकर अब स्थिति साफ हो गई है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने निर्णय सुनाते हुए प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि 31 जनवरी 2026 से पहले हर हाल में मोगा नगर निगम के मेयर का चुनाव करवाया जाए। यह फैसला नगर निगम मोगा के 9 कांग्रेसी पार्षदों द्वारा दायर सिविल रिट याचिका पर सुनवाई के बाद सुनाया गया। याचिका दायर करने वाले पार्षदों में साहिल अरोड़ा, अमनप्रीत कौर मान, तरसेम सिंह, राम कौर, मनजीत कौर गिल, विजय खुराना, जसप्रीत सिंह विक्की सरपंच, रीमा सूद और अमरजीत अम्बी शामिल हैं।
वीआईपी विथड्रॉ, विस्तारFollow Usछतरपुर शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दुल्हन अपने पिता और कथित गुंडों के साथ ससुराल पहुंची और सास-ससुर के साथ मारपीट कर दहेज में दी गई मोटरसाइकिल को बांधकर घसीटते हुए ले गई। पूरी घटना का वीडियो अब सामने आया है।
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चंपावत। कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
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