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💢शेयर💢भिवानी। जिले के पांच खंड तोशाम, कैरू, सिवानी, लोहारू और बहल क्षेत्र के करीब 170 गांवों का भूमिगत जल पाताल में पहुंच गया है। यही वजह है कि 800 से 900 फीट गहराई में भूमिगत जल दोहन के लिए लगाए गए बोरवेल रासायनिक तत्व उगल रहे हैं जिनसे कैंसर का खतरा भी बढ़ रहा है। भूमिगत जल की विद्युत चालकता (ईसी) 6000 के पार पहुंच गई है वहीं टीडीएस, हार्डनेस और फ्लोराइड की मात्रा भी सामान्य से तीन गुना तक आंकी जा रही है।
️ईज़ी,
स्वागत कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल।- फोटो : अमर उजाला
वीआईपी स्टूडेंट, सारमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट–2026 में कहा कि युवा और नवाचार राज्य के विकास की नींव हैं। उन्होंने स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के लिए करोड़ों रुपये की राशि वितरित की और सफल उद्यमियों को सम्मानित किया।
उसहैत। गांव नौगवां नसीरनगर निवासी निर्भान सिंह यादव (40) पुत्र होशियार सिंह के बैल ने स्वामी पर ही हमला कर दिया। उसे पटक-पटककर मार डाला। सूचना पर पहुंची पुलिस को परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से मना कर दिया।
पुलिस अधीक्षक बूंदी राजेन्द्र कुमार मीणा- फोटो : अमर उजाला
लाइक ऑनलाइन,
लाइक कलेक्ट विस्तारFollow Usबुरहानपुर जिले में हुई महिला की जघन्य हत्या के बाद गुरुवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान हिंदू संगठनों ने शहर बंद रखा और हत्यारे को कड़ी सजा देने की मांग की। गुरुवार देर शाम जिले के प्रभारी और प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस और नेपानगर विधायक मंजू दादू सहित प्रशासनिक अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। मंत्री सिलावट ने परिवार को सांत्वना देते हुए प्रदेश सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है, आरोपी को ऐसी सजा दी जाएगी कि भविष्य में कोई भी अपराधी ऐसा अपराध करने की हिम्मत न कर सके। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से मृतका के बच्चों के लिए 10 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत करने की जानकारी भी दी।
एम्बाप्पे की इस हरकत पर बवाल हुआ है- फोटो : Twitter
गोल्ड लॉग इन, भिवानी। शहर का दायरा और आबादी बढ़ने के साथ ही जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सीवरेज ट्रिटमेंट प्लांटों पर दूषित पानी की निकासी का दबाव बढ़ गया है। इतना ही नहीं औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 के लिए 18 करोड़ रुपये से बने कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट भी पर्यावरण एनओसी नहीं मिलने के कारण करीब दो साल से खामोश पड़ा है। बिना ट्रिटमेंट के दूषित पानी भिवानी-घग्गर ड्रेन में छोड़ा जा रहा है जिससे किसान सिंचाई से भी तौबा कर रहे हैं।







