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💢साइन अप💢विस्तारFollow Us'जिन्हें नसीब नहीं छत, उनकी करें बात, सर्द हवाओं में खुले आसमां तले गुजर रही रात' किसी कवि की कविता की यह पंक्तियां बांसवाड़ा जिले में उन लोगों पर सटीक बैठ रही है, जो बेघर और जरूरतमंद हैं। सर्द हवाओं में जरूरतमंद ठिठुरने को मजबूर हैं, लेकिन जिला प्रशासन और नगर परिषद ने अभी तक ऐसे परिवारों को राहत देने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।
️टास्क,TOP NewsBangladeshUSविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UP
साइन अप, जिले के किशनगढ़बास बाईपास पर खड़ी कार में युवक का शव मिलने के सनसनीखेज मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। मृतक के परिजनों ने दो युवकों पर साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में मामला दर्ज कराया है। मृतक की पहचान जाटोली (पटौदी, गुरुग्राम) निवासी 38 वर्षीय दीपक के रूप में हुई है।
बागेश्वर। सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों का सफर शुरू होने से पहले ही फिर से दुश्वारियों के गर्त में चला गया है। बड़े ही तामझाम और फूल-मालाओं के साथ शुरू हुई खुनौली-हल्द्वानी केमू बस सेवा महज तीन दिन बाद ही सफेद हाथी साबित हो गई। उद्घाटन के शोर के बीच शुरू हुई यह सेवा अब ठप है। क्षेत्र के ग्रामीणों को सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगर मालवाPublished by:शबाहत हुसैनUpdated Wed, 13 Aug 2025 07:31 PM IST
विस्तारFollow Usउच्च शिक्षा निदेशक का चयन अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित चयन समिति करेगी। इस संबंध में शासन के विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने निर्देश दिया है। अब चयन प्रक्रिया उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा (समूह ‘क’) सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2008 के प्रावधानों के अनुसार होगा।
ईज़ी ऑफर, सारअशोकनगर जिले में महिला के स्कूल संबंधी शिकायत वाले वायरल वीडियो पर कांग्रेस नेता के पोस्ट पर पूर्व पार्षद महेंद्र जैन मिंदा ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। भाजपा समर्थकों की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज की। घटना से राजनीतिक माहौल गर्म हो गया और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे।
रिवॉर्ड्स विस्तारFollow Usप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
बोर्ड परीक्षा–2026 की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक
विज़िट विज़िट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपतPublished by:डिंपल सिरोहीUpdated Mon, 12 Jan 2026 03:37 PM IST







