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💢इंस्टेंट पॉइंट्स💢टनकपुर (चंपावत)। अमृत भारत योजना के तहत रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। स्टेशन परिसर में दो लिफ्ट लगाने का कार्य लगभग पूरा हो गया है। इसके अलावा स्वचालित सीढ़ी लगाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। रेलवे के अनुसार पूर्णागिरि मेला अवधि में स्टेशन पर आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को एक प्लेटफाॅर्म से दूसरे प्लेटफाॅर्म पर जाने के लिए लिफ्ट की सुविधा मिलने लगेगी।
️लाइक विथड्रॉ,अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहरPublished by:आकाश दुबेUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:22 PM IST
सर्वे विज़िट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुरPublished by:बुरहानपुर ब्यूरोUpdated Sat, 02 Aug 2025 09:26 PM IST
बिलासपुर के रतनपुर थाना अंतर्गत नेशनल हाईवे पर दर्री पारा के पास आज सुबह करीब 5:30 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। जिसमें बताया जा रहा है कि बिहार से रायपुर जा रही बस सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर से जा टकराई। हादसे में बस में सवार 12 यात्री घायल हो गए, जिनमें पांच यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं।
T20 WCसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालWest Bengalविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालदिल्ली में फिर टूटा ठंड का रिकॉर्ड
जिले के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व की बूंदी रेंज के खटकड़ क्षेत्र में एक पैंथर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रथम दृष्टया पैंथर की मौत बीमारी के चलते होना प्रतीत हो रही है। हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को पैंथर के घायल अवस्था में होने की सूचना दी थी, जिस पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची थी।
विशेष रिसीव, अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Tue, 06 Jan 2026 07:42 PM IST
पुराना शेयर गाजियाबाद ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:28 PM IST
सारBihar : कांग्रेस के भीतर चल रही पुरानी गुटबाजी एक बार फिर मकर संक्रांति के मौके पर सार्वजनिक हो गई है। दही-चूड़ा भोज में विधायकों की गैरमौजूदगी ने सियासी हलचल तेज कर दी है।
मासिक ऐप, सुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल दी है। बड़े-बड़े दावों के बावजूद, सुदूर आदिवासी इलाकों में जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है। 21वीं सदी में भी, कागजों पर हाईटेक व्यवस्था के बावजूद, कई जगहों पर स्वास्थ्य सेवाएं आज भी खाट और कंधों के सहारे ही संचालित हो रही हैं।







