नया कम्पलीट
फ्री साइन अप
लाइक पैसे, Inc
सिल्वर सर्वे
💢रजिस्टर💢बलिया में रेलवे स्टेशन के बाहर खड़े ऑटो चालक। संवाद- फोटो : संवाद
️सिल्वर गेट,
लाइक कमाई, TOP NewsBangladeshUSमंत्री विक्रमादित्य की फेसबुक पर टिप्पणीआज का शब्दDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल
सारBaran News:जिले के ग्राम पंचायत दांता में सरकारी पैसे के बंदरबाट का एक नजारा देखने के लिए मिला है। जहां विधायक कोष से बनने वाले चबूतरे के नाम पर ठेकेदार ने पुराने चबूतरे की मरम्मत करके खानापूर्ति कर दिया है।
सारउप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन तथा लोक निर्माण विकास मंत्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में नगर पालिका अम्बिकापुर क्षेत्र के लिए 82 करोड़ 23 लाख 71 हजार रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का भव्य लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ।
अमेठी सिटी। गौरीगंज के पलिया वार्ड में पुलिस लाइन का निर्माण अंतिम दौर में है, जिसके बाद तकनीकी टीम भवनों और संपूर्ण ढांचे की जांच करेगी। अनुमान है कि मार्च के अंतिम सप्ताह में इसका लोकार्पण कराया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस की परेड भी नए परेड ग्राउंड में आयोजित होने की संभावना है।
सब्सक्राइब सब्सक्राइब, संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:32 PM IST
बोनस अमेठी सिटी। गौरीगंज के पलिया वार्ड में पुलिस लाइन का निर्माण अंतिम दौर में है, जिसके बाद तकनीकी टीम भवनों और संपूर्ण ढांचे की जांच करेगी। अनुमान है कि मार्च के अंतिम सप्ताह में इसका लोकार्पण कराया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस की परेड भी नए परेड ग्राउंड में आयोजित होने की संभावना है।
73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
वॉच, आगामी पंचायत चुनावों को लेकर बानसूर उपखंड में हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में उपखंड प्रशासन ने ग्राम पंचायतों के वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य सरकार से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उपखंड अधिकारी अनुराग हरित ने पंचायती राज अधिनियम 1994 के तहत उपखंड की 23 ग्राम पंचायतों में वार्डों के पुनर्गठन का प्रारूप आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। इस घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में चुनावी माहौल बन गया है, क्योंकि नए वार्ड बनने से कई राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। उपखंड अधिकारी अनुराग हरित ने बताया कि वार्डों का नया निर्धारण वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाकर किया गया है। प्रशासन ने कोशिश की है कि वार्डों का बंटवारा पूरी तरह न्यायसंगत हो और सभी वार्डों में जनसंख्या का संतुलन बना रहे।







