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💢इंस्टेंट💢आज सुबह कई इलाकों में घना कोहरा देखने को मिला।- फोटो : अमर उजाला
️लाइक क्लिक,नहटौर के गांव पपसरा में अब्दुल मन्नान के गोदामनुमा कमरे में रविवार देर रात आग लग गई। वहां रखा जींस व लहंगों का तैयार व कच्चा माल, घरेलू सामान और अन्य उपयोगी वस्तुएं जलकर राख हो गईं। पीड़ित के अनुसार आग से उसे करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
बारिश से न होन से सूखी घास- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कमाई सब्सक्राइब, जाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।
मुंगेली जिले के लोरमी ब्लॉक में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो बुजुर्ग महिलाओं को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। इस त्रुटि के कारण उनका नाम राशन कार्ड से हटा दिया गया है, जिससे वे राशन प्राप्त करने से वंचित हैं। 70 वर्षीय बैगा आदिवासी महिला सहबीन बैगा और सूरजा बाई को मृत माने जाने के कारण पिछले चार महीनों से राशन नहीं मिल पा रहा है।
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:32 PM IST
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शेयर, बैतूल जिले की जिला जेल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। यहां सात साल की सजा काट रहे कैदी प्रकाश बाबूराव सतपुते की रिहाई तय होने से ठीक पहले अचानक मौत हो गई। प्रकाश मूल रूप से मुलताई क्षेत्र के घाट-अमरावती का निवासी था और वर्ष 2022 में धारा 304(बी) के तहत सात वर्ष की सजा के लिए जेल भेजा गया था।
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दैनिक फ्री, ईरान में दो हफ्ते पहले शुरू हुआ सरकार विरोधी आंदोलन अब विशाल रूप ले चुका है। आर्थिक संकट और बढ़ती महंगाई के असर के चलते शुरू हुए विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते ईरान के सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। स्थिति यह है कि तेहरान में व्यापारियों का गढ़ कहे जाने वाला ग्रैंड बाजार इन प्रदर्शनों का केंद्र बना हुआ है और आर्थिक संकट के खिलाफ उठी आवाज अब सत्ता परिवर्तन की आवाज में बदल चुकी है। इस आंदोलन में अब तक 646 लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है, जबकि 10 हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आ रही है।







