सर्वे कम्पलीट
ईज़ी गेट
अल्ट्रा विज़िट, Inc
वेरिफाई
💢गोल्ड वॉच💢
️लाइक,अनूपपुर जिले के जैतहरी तहसील स्थित मोजर बेयर पावर लिमिटेड कंपनी द्वारा सरकारी व वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। युगलपीठ ने अनावेदकों को जवाब पेश करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।
बलरामपुर। एमपी-एमएलए कोर्ट नंबर छह में 12 जनवरी को नगर पंचायत तुलसीपुर के पूर्व चेयरमैन फिरोज अहमद उर्फ पप्पू हत्याकांड की सुनवाई होगी। अपर सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार तृतीय बहुचर्चित मामले की सुनवाई कर रहे हैं। इस हत्याकांड में सपा के पूर्व सांसद रिजवान जहीर, बेटी जेबा व दामाद रमीज नेमत सहित पांच लोगों का फैसला होना है।
रजिस्टर वेरिफाई, संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइचUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:21 AM IST
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:अनुज कुमारUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:11 PM IST
सारमहाराष्ट्र की राजनीति में ‘ठाकरे’ नाम केवल एक उपनाम नहीं, बल्कि एक विशिष्ट राजनीतिक सोच, पहचान और प्रभाव का प्रतीक रहा है। दशकों से यह नाम राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आया है।
कम्पलीट फ्री,
मोबाइल ऐप
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
लाइक कमाई, बैरिया। अतिरिक्त सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, सुपरवाइजरों के एकदिवसीय प्रशिक्षण में सहायक निर्वाचन अधिकारी/ उप जिलाधिकारी बैरिया आलोक प्रताप सिंह ने टिप्स दिए। एसआईआर में शेष मैपिंग कराने के लिए 17374 मतदाताओं को तत्काल नोटिस रिसीव करने का निर्देश बीएलओ को जारी किया है। साथ ही सुपरवाइजरों को यह देखने का निर्देश दिया है कि नोटिस संबंधित लोगों के पास पहुंच रही है या नहीं। वहीं, अतिरिक्त सहायक पंजीकरण अधिकारियों को दावे और आपत्तियों को तत्काल निस्तारित करने का निर्देश दिया और कहा कि किसी भी मतदाता को नोटिस देते समय यह ध्यान रहना चाहिए कि कम से कम एक सप्ताह का मौका मतदाता को दावा और आपत्ति के लिए मिले। उप जिलाधिकारी ने बताया कि मैपिंग के प्रमाण पत्र के लिए आधार कार्ड के अलावा एक अतिरिक्त प्रमाण पत्र देना पड़ेगा। तहसील से जारी सामान्य निवास प्रमाण पत्र स्वीकार्य नहीं होगा। अपर जिलाधिकारी कार्यालय से जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र ही इसमें स्वीकार्य होगा। स्पष्ट किया कि फिलहाल तो स्थायी प्रमाण पत्र नहीं बनता है, लेकिन कुछ वर्ष पहले तक एडीएम स्तर से स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनता था। वही प्रमाण पत्र मान्य होगा। उप जिलाधिकारी ने बताया कि अन्य विकल्प भी उपलब्ध है। इसकी चर्चा नोटिस में की गई है। उसमें से किसी एक प्रमाण पत्र को देना पड़ेगा। इसके अलावा सहायक अतिरिक्त पंजीकरण अधिकारी के विवेक पर निर्भर करता है कि प्रमाण पत्र का सत्यापन करें या ऐसे ही स्वीकार कर लें। उप जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों, समाज के जागरूक लोगों से इस कार्य में सहयोग लेने का निर्देश मातहतों को दिया है।







